प्रतापगढ़ : संक्रमण की आशंका में सीज की गई जिले की 24 हजार (ओपीवी) ओरल पोलियो खुराक सही मिली है। उसमें कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। अब इसका इस्तेमाल जिले में पल्स पोलियो अभियान के लिए किया जाएगा।

तीन महीने पहले प्रदेश के कुछ जिलों में पोलियो वैक्सीन में गड़बड़ी का मामला तेजी से उभरा था। पता चला था कि जो खुराक बच्चों को पिलाई गई है, वह संक्रमित थी। इस आशंका पर शासन ने प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में पोलियो खुराक पिलाने का अभियान रोक दिया था। वैक्सीन को सीज कर दिया था। इस कड़ी में प्रतापगढ़ में 1205 वायल ओपीवी यानि ओरल पोलियो वैक्सीन भी सीज कर दी थी। इसे जांच के लिए विभाग ने आगरा स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। तीन दिन पहले इसकी रिपोर्ट आई, जिसमें प्रतापगढ़ की पूरी वैक्सीन सही पाई गई। उसमें कोई संक्रमण नहीं मिला।

शासन के निर्देश पर यह दवा वाराणसी के मंडल डिपो तक हवाई जहाज से लाई गई। अब इसे प्रतापगढ़ लाया जा रहा है। दवा के पास हो जाने से पोलियो अभियान को गति मिलेगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. सीपी शर्मा का कहना है कि जिले में इस खुराक का इस्तेमाल 10 मार्च से चलने वाले पल्स पोलियो अभियान में बेझिझक किया जाएगा। एक वायल में 20 खुराक होती है। वैक्सीन को सुरक्षित रूप से ब्लाक स्तरीय सीएचसी तक ले जाने के लिए सभी ब्लाकों को विभाग ने 25-25 वैक्सीन कैरियर दे दिए हैं।

5.26 लाख बच्चे, 3152 टीमें : जिले में पल्स पोलियो अभियान की रूपरेखा बन गई है। इसके लिए विभाग ने पांच लाख 26 हजार 833 बच्चों तक खुराक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 3152 टीमें और 452 सुपरवाइजर लगाए गए हैं।

आज होगा प्रशिक्षण : पल्स पोलियो अभियान के लिए प्रशिक्षकों को भी नए सिरे से प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला प्रशिक्षण अधिकारी डा. सीपी शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण 23 फरवरी को सीएमओ कार्यालय सभागार में किया जाएगा। फिर यह लोग ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षण देंगे।

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Posted By: Jagran