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उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलेगा हलवा और उपमा, नवंबर से लागू होगी व्यवस्था

Published: Mon, 26 Oct 2026 10:53 AM (IST)

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अब मध्याह्न भोजन के तहत बच्चों को मीठा हलवा और नमकीन उपमा भी मिलेगा।

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HighLights

  1. नवंबर 2026 से फरवरी 2027 तक लागू होगी योजना।

  2. पीलीभीत के 1.60 लाख बच्चों को मिलेगा पोषण।

  3. रसोइयों को प्रति विद्यार्थी दो रुपये अतिरिक्त मानदेय।

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अब मध्याह्न भोजन यानी पीएम पोषण योजना के तहत भोजन के साथ मीठा हलवा और नमकीन उपमा भी दिया जाएगा। शासन ने नवंबर 2026 से फरवरी 2027 तक के लिए पूरक पोषण की यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।

इसके तहत प्रत्येक विद्यार्थी के लिए हलवा की लागत सात रुपये और उपमा की लागत चार रुपये निर्धारित की गई है। जिले के 1508 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.60 लाख बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।

173 कैलोरी ऊर्जा और 5.31 ग्राम प्रोटीन

बताया गया कि बच्चों को निर्धारित मानक और मात्रा के अनुसार, हलवा व उपमा उपलब्ध कराया जाएगा। हलवा बनाने के लिए प्रति विद्यार्थी 30 ग्राम सूजी, पांच ग्राम घी, 22 ग्राम चीनी और पांच ग्राम घिसा नारियल निर्धारित किया गया है। इससे 273 कैलोरी ऊर्जा और 4.06 ग्राम प्रोटीन मिलेगा।

वहीं, उपमा बनाने के लिए 30 ग्राम सूजी, दो ग्राम तेल, 20 ग्राम मौसमी सब्जी और छह ग्राम मूंगफली का मानक तय किया गया है। इससे 173 कैलोरी ऊर्जा और 5.31 ग्राम प्रोटीन मिलेगा।

जिले में 291 कंपोजिट, 928 प्राथमिक और 280 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इसके अलावा नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी हैं। इनमें 18 विद्यालय नगरीय क्षेत्र में संचालित होते हैं।

इन सभी विद्यालयों में करीब 1.60 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को नियमित भोजन के साथ अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

रसोइयों को दो रुपये अतिरिक्त मानदेय

बताया गया कि शासनादेश में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सामग्री एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप पैक्ड होनी चाहिए और उसकी एक्सपायरी डेट का ध्यान रखना होगा। खरीद से संबंधित बिल, तिथिवार विवरण और फोटोग्राफ सुरक्षित रखने होंगे।

योजना के तहत रसोइयों को प्रति विद्यार्थी प्रतिदिन दो रुपये अतिरिक्त मानदेय भी दिया जाएगा। यह धनराशि समान रूप से वितरित कर 31 मार्च 2027 से पहले उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। योजना की निगरानी टास्क फोर्स, मां समूह और विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से होगी। प्रदेश स्तर पर सोशल ऑडिट भी कराया जाएगा।

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