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UP के कस्तूरबा स्कूल की छात्राएं अब नहीं बनेंगी किताबी कीड़ा, हेल्थकेयर से AI तक सीखेंगी रोजगार के हुनर

Published: Tue, 27 Oct 2026 07:59 PM (IST)

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राएं अब किताबी ज्ञान के साथ रोजगारपरक हुनर भी सीखेंगी। पीलीभीत में 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के ...और पढ़ें

पीलीभीत शहर में बना कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय। जागरण

पीलीभीत शहर में बना कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय। जागरण

HighLights

  1. जिले में मिशन के तहत नौ कस्तूरबा विद्यालयों में शुरू होगा प्रोजेक्ट प्रवीण

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। अब कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राएं किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगी, पढ़ाई के साथ रोजगार की राह भी तैयार करेंगी। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत पीलीभीत के नौ विद्यालयों की करीब एक हजार छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रदेश स्तर पर शैक्षिक सत्र 2026-27 में 71 विद्यालयों की 2,672 छात्राओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना में हेल्थकेयर, आइटी-आइटीईएस, अपैरल, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और ग्रीन जाब्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

प्रशिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और साफ्ट स्किल पर भी जोर रहेगा। जिन केंद्रों पर अलग से एआइ कोर्स उपलब्ध नहीं है, वहां छात्राओं को एआइ फार आल कोर्स पढ़ाया जाएगा।

शहर, बीसलपुर, पूरनपुर, बरखेड़ा, अमरिया, ललौरीखेड़ा, मरौरी, गजरौला और बिलसंडा के कस्तूरबा विद्यालय योजना में शामिल हैं। मिशन निदेशक ने संबंधित संस्थाओं को दो नवंबर तक प्रशिक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।

इसके लिए प्रशिक्षण केंद्रों की मंजूरी, छात्राओं का पंजीकरण और बैच गठन समय से पूरा करना होगा। पोर्टल पर आवेदन मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को दो दिन के भीतर नियमानुसार निर्णय लेना होगा।

प्रशिक्षण शुरू होने के सात दिन के अंदर छात्राओं को किताबें और अन्य अध्ययन सामग्री उपलब्ध करानी होगी। वहीं, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयां हर 15 दिन में प्रशिक्षण उपकरणों की जांच करेंगी।

 

प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत छात्राओं को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण में तकनीकी जानकारी, एआइ और साफ्ट स्किल को शामिल करने से भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी। प्रयास रहेगा कि सभी संबंधित विद्यालयों में निर्धारित समयसीमा में प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू हो और छात्राओं को पूरा लाभ मिले।

- रोशनी सिंह, बीएसए


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