पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अब सैलानी चुन सकेंगे बेस्ट नेचर गाइड, शुरू होगी QR कोड से ग्रेडिंग व्यवस्था
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अब नेचर गाइडों की ग्रेडिंग की जाएगी, जिससे सैलानी सर्वश्रेष्ठ गाइड का चयन कर सकेंगे। सफारी ...और पढ़ें

पीटीआर का मुस्तफाबाद गेट। जागरण आर्काइव
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में आगामी पर्यटन सत्र में सैलानियों के रोमांच को अधिक शानदार बनाने के लिए एक नई कवायद शुरू होने जा रही है। अब पीटीआर में पर्यटकों को जंगल सफारी कराने वाले नेचर गाइडों की ग्रेडिंग की जाएगी।
सैलानियों को जंगल की रहस्यमयी कहानियां और वन्यजीवों के रोचक तथ्य बताने के लिए गाइडों को खुद को पूरी तरह से अपडेट रखना होगा। वन और वन्यजीवों के ज्ञान, सफारी के अनुभव व विज्ञानी जानकारी समेत कई मानकों पर इन गाइडों की क्षमता को परखा जाएगा।
इस नई ग्रेडिंग व्यवस्था के तहत गाइडों को अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी। इसके लिए सफारी वाहनों पर क्यूआर कोड वाला एक ई-फार्म उपलब्ध कराया जाएगा।
सफारी के बाद सैलानी गाइड की सेवाओं और व्यवहार को लेकर पूछे गए सवालों पर अपनी टिप्पणी दर्ज करेंगे। यह डिजिटल फीडबैक सीधे संबंधित अधिकारी के पास पहुंचेगा, जिसके आधार पर गाइड की परफार्मेंस का मूल्यांकन किया जाएगा।
पीटीआर में वर्तमान में कुल 95 नेचर गाइड कार्यरत हैं, जिनकी सफारी बिना किसी प्राथमिकता के रोटेशन के आधार पर तय की जाती है, लेकिन अब वन एवं वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा।
यह समिति हर तीन माह में गाइडों के कार्यों की समीक्षा करेगी। मूल्यांकन के आधार पर पीटीआर के सर्वश्रेष्ठ 15 गाइडों का चयन किया जाएगा। किसी विशिष्ट अतिथि के आगमन पर इन्हीं गाइडों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा, आम पर्यटक भी कुछ अतिरिक्त शुल्क का भुगतान कर अपनी सुविधानुसार इन गाइडों की सेवाएं ले सकेंगे। इस नवाचार से जहां पर्यटकों को जंगल की प्रामाणिक और सटीक जानकारी मिलेगी।
वहीं, गाइडों के बीच अपनी दक्षता बढ़ाने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी पैदा होगी। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पर्यटन के अनुभव को बेहतर बनाने के लिहाज से नवाचार के तौर पर यह ग्रेडिंग की जाएगी। इसके परिणामों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी और उसी के आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
