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पीलीभीत वोटर लिस्ट फर्जीवाड़ा: 10,470 मतदाताओं के नाम बदले, ऑपरेटर के बाद अब 5 AERO की भूमिका संदिग्ध

Published: Sat, 24 Oct 2026 12:16 PM (IST)

पीलीभीत में मतदाता सूची फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां 10,470 मतदाताओं के नाम बिना उचित आवेदन के बदल दिए गए। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. वीआरसी केंद्र पर नाम परिवर्तन का फर्जी आवेदन दर्शाया, मगर रिकार्ड नहीं मिला

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। मतदाता सूची फर्जीवाड़ा में पांच सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) की भूमिका संदिग्ध मानते हुए जांच बैठा दी गई। इन्हें नाम परिवर्तन वाले आवेदनों (फार्म-आठ) की जांच के लिए नियुक्त किया गया था, मगर ऐसा नहीं हो सका।

वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर (वीआरसी) के कंप्यूटर आपरेटर अनिल कुमार ने फार्म आठ के बिना शहर विधानसभा क्षेत्र के 10,470 मतदाताओं या उनके पिता के नाम बदल दिए।

शुक्रवार को जांच अधिकारी पता करने में जुट गए कि कंप्यूटर आपरेटर ने चोरी-छिपे नाम परिवर्तन किए, या इसमें एईआरओ भी संलिप्त थे। यदि समय रहते फर्जीवाड़ा न खुलता तो इतने मतदाता वोट डालने से वंचित रह जाते।

अप्रैल से शुरू हुए मतदाता पुनरीक्षण अभियान की आड़ में अमरिया व ललौरीखेड़ा ब्लाक के 150 बूथों पर 10,470 मतदाताओं या उनके पिता के नाम बदल दिए गए।

नुरुद्दीन का नाम इलियास, कादिर खान का नाम अकरम और तनवीर का नाम हम्जा कर दिया गया था। इनकी तरह कई अन्य मतदाताओं ने भी एपिक आइडी के जरिये अपना आनलाइन ब्योरा चेक किया, तब फर्जीवाड़ा खुला।

इसके बाद निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बुधवार को अमरिया तहसील के ईआरओ हेमंत चौधरी, मयंक गोस्वामी व वीआरसी के कंप्यूटर आपरेटर अनिल कुमार को पद से हटाकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

अब इस प्रक्रिया में शामिल प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका जांची जा रही। नियमानुसार, नाम बदलाव के लिए आनलाइन या आफलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए फार्म-आठ भरकर बदलाव संबंधी कागज संलग्न करने होते हैं।

शहर विधानसभा क्षेत्र में आफलाइन आवेदन की आड़ में मतदाताओं के नाम बदल दिए गए। इस प्रक्रिया में अनिवार्य फार्म-आठ का भी कोई रिकार्ड नहीं मिला। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं तहसीलदार फार्म चेक करते हैं।

इसके बाद नाम परिवर्तन की आफलाइन फीडिंग होती है। अमरिया व ललौरीखेड़ा ब्लाक में फार्म-आठ का कोई रिकार्ड ही नहीं मिला, यानी इसके बिना नाम बदल दिए गए।

आफलाइन में फर्जीवाड़ा

आफलाइन में ही फर्जीवाड़ा किया जा सकता, इसलिए शहर विधानसभा क्षेत्र में इनकी संख्या 13,779 है। फर्जीवाड़ा करने वाले रैकेट ने इनमें 10,470 के नाम बदल दिए, जबकि शेष आवेदनों का निरस्त दर्शाया ताकि जांच प्रक्रिया का पालन प्रदर्शित हो। इससे इतर, बरखेड़ा, पूरनपुर व बीसलपुर क्षेत्र में एक भी आफलाइन आवेदन नहीं हुआ।

इन विधानसभा क्षेत्रों में आनलाइन माध्यम से कुल सात 7,712 आनलाइन आवेदन आए, जो वास्तविक प्रतीत हो रहे। शहर विधानसभा क्षेत्र में आनलाइन आवेदनों की संख्या 13150 है।

आनलाइन आवेदन व उससे संबंधित कागज पोर्टल पर प्रदर्शित होते हैं। जबकि, आफलाइन आवेदन कार्यालय में रखे जाते, उनके सत्यापन के आधार पर नाम परिवर्तन कर दिया जाता है।

जिन लोगों के नाम या पिता के नाम बदल दिए गए, क्या वे फोटोयुक्त पहचान पत्र से मतदान कर सकते हैं ? इस पर प्रशासनिक अधिकारी से पूछा तो उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है।

यदि सूची में नाम की स्पेलिंग में कोई गलती होती है, तो पहचान पत्र को आधार बनाकर मतदान का मौका दे दिया जाता है। इससे इतर, यदि सूची और पहचान पत्र में अलग-अलग नाम होंगे तो मतदान करा पाना संभव नहीं।

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