पीलीभीत में वोटर लिस्ट कैंप में बवाल: पहले से भरे फॉर्म-8 देखकर भड़के लोग, प्रपत्र लेकर निकले तहसीलदार
पीलीभीत में मतदाता सूची पुनरीक्षण कैंपों में फॉर्म-8 को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लोग पहले से भरे ...और पढ़ें

मझोला के बूथ पर बहस के दौरान लगी भीड़ मौजूद तहसीलदार और कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार। जागरण
HighLights
मतदाता सूची में नाम बदलने और वोट कटने के आरोपों से गरमाया मामला
13,779 फार्मों का रिकार्ड न मिलने पर पहले ही कार्रवाई के घेरे में अधिकारी
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। मतदाता सूची में नामों की गड़बड़ी दूर करने के लिए लगाए गए विशेष कैंप में ही फार्म-8 को लेकर सवाल खड़े हो गए। मझोला के नेहरू इंटर कालेज में शनिवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत लगे कैंप में बूथ संख्या 415 से 419 तक पहले से भरे फार्म-8 को लेकर हंगामा हो गया।
राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदाताओं से गलत तरीके से फार्म भरवाए जा रहे हैं और उनके हस्ताक्षर कराकर नामों में बदलाव की प्रक्रिया को सही ठहराने का प्रयास किया जा रहा है।

लोगों का आरोप था कि कुछ लोग पहले से तैयार प्रपत्र लेकर आए थे और मतदाताओं पर उन्हें भरने या हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया जा रहा था। इस दौरान बूथ पर मौजूद कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों के बीच कहासुनी हुई। तहसीलदार दुष्यंत कुमार पहुंचे।
पदाधिकारियों से बहस हुई, इसी बीच वहां भीड़ जमा हो गई। विरोध किए जाने पर तहसीलदार वहां से पहले भरे रखे फार्म आठ को लेकर चले गए। वहीं, भिखारीपुर बूथ पर बताया गया कि तहसीलदार खुद फार्म-8 लेकर पहुंचे और वहां भरवाएं जाने के निर्देश दिए।
नाम बदलने और वोट कटने की शिकायतें
विवाद के बीच मतदाता सूची में नाम और अन्य विवरण बदलने की शिकायतें भी सामने आईं। भिखारीपुर के नूरुद्दीन का आरोप है कि सूची में उनका नाम बदलकर इलियास दर्ज कर दिया गया।
मोहम्मद दाऊद ने परिवार के सात में से पांच वोटों में बदलाव और मां तथा भाई के नाम कटने की बात कही। कश्मीर इलाके के कादिर खान समेत अन्य लोगों के नाम और पिता के नाम में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। इन शिकायतों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
13,779 फार्मों का रिकार्ड नहीं मिलने पर कार्रवाई
मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़ा मामला पहले से ही गंभीर बना हुआ है। 13,779 फार्मों का रिकार्ड कार्यालय में नहीं मिलने पर तत्कालीन एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को जिला मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
संविदा कंप्यूटर आपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं समाप्त की गई हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी केके कश्यप की शिकायत पर तीनों के खिलाफ नगर कोतवाली में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
उधर, शहर के रामलुभाई साहनी मतदान केंद्र पर भी आवेदन पत्र उपलब्ध नहीं होने के आरोप में लोगों ने हंगामा किया। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच मतदाता सूची की पारदर्शिता और फार्मों के रिकार्ड को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब जांच में ही स्पष्ट होगा कि गड़बड़ियां कहां और कैसे हुईं।
