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पीलीभीत में पहली बार दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, जानें किन रूट्स पर यात्रियों को मिलेगी राहत और कितना होगा किराया

Published: Thu, 13 Aug 2026 05:43 PM (IST)

पीलीभीत में पहली बार इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिससे प्रदूषण कम होगा और यात्रियों ...और पढ़ें

पीलीभीत रोड वेज बस स्टैंड पर खड़ी बसें। जागरण

पीलीभीत रोड वेज बस स्टैंड पर खड़ी बसें। जागरण 

HighLights

  1. 15 किलो वाट का मिलेगा डिपो को बिजली कनेक्शन, बनेगा चार्जिंग पाइंट

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। शहर में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम और यात्रियों को आधुनिक सुविधा देने के लिए परिवहन निगम ने बड़ा कदम उठाया है। पीलीभीत डिपो में इलेक्ट्रानिक-बसें शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही जिले में पहली बार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होगा।

फिलहाल पीलीभीत डिपो से 103 बसों का संचालन हो रहा है। ये बसें मुरादाबाद, रामपुर, दिल्ली, शाहजहांपुर, लखनऊ, कानपुर, फर्रुखाबाद, मथुरा, आगरा, बदायूं, कासगंज सहित कई स्थानीय और लंबी दूरी के मार्गों पर चलती हैं।

लेकिन अब तक डिपो में एक भी इलेक्ट्रिक बस शामिल नहीं है। एआरएम प्रांशु पाठक ने बताया कि प्रस्ताव में रूट प्लान, चार्जिंग स्टेशन की जगह और बसों के रखरखाव का पूरा खाका तैयार किया गया है।

डिपो में चार्जिंग के लिए 15 किलो वाट का नया बिजली कनेक्शन लिया जाएगा, ताकि बसों को रात में आसानी से चार्ज किया जा सके। मेंटेनेंस के लिए तकनीकी स्टाफ को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

ई-बसें शुरू होने के बाद सबसे बड़ा फायदा शहर के अंदरूनी मार्गों और आसपास के ग्रामीण इलाकों को मिलेगा। अभी इन रूटों पर डीजल बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को दिक्कत होती है।

ई-बसों के आने से आवागमन सुगम होगा और वायु प्रदूषण भी कम होगा। किराया सामान्य बसों के बराबर ही रखा जाएगा, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। शासन से हरी झंडी मिलते ही बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

साथ ही चालकों और कंडक्टरों को ई-बस संचालन और सुरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसें कम शोर, जीरो उत्सर्जन और कम खर्च के कारण लंबी अवधि में निगम के लिए भी फायदे का सौदा साबित होंगी।

बताया गया कि प्रदूषण कम करने के साथ ही ये बसें बुजुर्गों, महिलाओं और छात्रों के लिए आरामदायक सफर का विकल्प बनेंगी। परिवहन विभाग को उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में शासन से मंजूरी मिलने के बाद पीलीभीत की सड़कों पर हरी ई-बसें दौड़ती नजर आएंगी।

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