पीलीभीत में बाघ की दहशत के बीच वन विभाग के पहरे में हो रही धान की कटाई, हाथियों और थर्मल ड्रोन से तलाश जारी
पीलीभीत के न्यूरिया क्षेत्र में गन्ने के खेतों में बाघ की मौजूदगी से धान की कटाई प्रभावित हो रही है। ...और पढ़ें

टोली बनाकर फसल कटाई में जुटे किसान। जागरण
HighLights
सामूहिक रूप से शोर-शराबा करते हुए फसल काट रहे क्षेत्र के किसान
संवाद सूत्र, न्यूरिया (पीलीभीत)। क्षेत्र के गांवों में बीते करीब एक सप्ताह से गन्ने के खेतों में बाघ ने अपना डेरा डाल रखा है, जिसके चलते धान की कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान अपनी पकी हुई फसल समेटने के लिए खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। किसानों की इस परेशानी और संभावित खतरे को देखते हुए अब वन विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है।
विभाग की टीमें न सिर्फ बाघ की तलाश में जुटी हैं, बल्कि अपनी निगरानी में किसानों की फसलों की कटाई भी करवा रही हैं। हालांकि दो दिनों से बाघ की कोई सटीक लोकेशन नहीं मिल सकी है।
न्यूरिया क्षेत्र के संडा और पंडरी गांव के समीप गन्ने के खेतों में बाघ की लगातार मौजूदगी दर्ज की जा रही है। इस चहलकदमी से संडा, कल्लिया, पंडरी, महोफ, हरकिशनपुर अलीगंज और बरी समेत आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
यह इलाका पीटीआर की माला रेंज से महज 2.5 किलोमीटर की हवाई दूरी पर है। ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर पीटीआर, सामाजिक वानिकी और बाघ मित्रों की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।
गन्ने के खेतों में छिपे बाघ को तलाशने के लिए हाथियों के जरिए कांबिंग की जा रही है। सटीक लोकेशन के लिए थर्मल ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है। इलाके में आठ ट्रैप कैमरे भी स्थापित किए जा चुके हैं।
इसके बावजूद बीते दो दिनों से बाघ की कोई नई लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी है। जिन किसानों की फसल खेत में खड़ी है, उनकी कटाई अब वन विभाग की मौजूदगी में समूहों में कराई जा रही है।
डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है। किसानों से अपील है कि समूह में ही खेतों में जाएं व अंधेरा होने के बाद घरों से न निकलें।
शोर-शराबे के साथ हो रही कटाई
बाघ की दहशत के बीच किसानों ने भी बचाव का देसी तरीका अपना लिया है। वन विभाग की अपील पर किसान अब अकेले खेतों में जाने से बच रहे हैं। फसल काटने व समेटने के लिए वे टोलियां बनाकर खेतों में पहुंच रहे हैं।
कटाई के दौरान समूह में लगातार शोर-शराबा किया जा रहा है। जिससे इंसानी आहट से बाघ खेतों से दूर रहे और किसानों का कृषि कार्य भी सुरक्षित ढंग से पूरा हो सके।
धान की फसल पककर तैयार है, लेकिन गन्ने के खेत में बाघ की मौजूदगी से अकेले जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। वन विभाग की टीम के आने से थोड़ी राहत मिली है। सभी किसान टोलियां बनाकर, शोर-शराबा करते हुए अपनी फसल की कटाई कर रहे हैं। - ओमप्रकाश, संडा
बीते एक सप्ताह से बाघ हमारे खेतों के आसपास ही मंडरा रहा है। गनीमत है कि वन विभाग के लोग हाथियों से गश्त कर रहे हैं। हम लोग एक-दूसरे का साथ देकर सुरक्षित तरीके से कटाई का काम पूरा कर पा रहे हैं। - लालता प्रसाद, कल्लियां
