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कतर्नियाघाट हादसे के बाद अलर्ट: पीलीभीत में बेकाबू रफ्तार और हुड़दंग से वन्यजीवों पर मंडराया जान का खतरा!

Published: Mon, 05 Oct 2026 10:06 PM (IST)

कतर्नियाघाट में बाघ की मौत के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ गई है। जंगल ...और पढ़ें

पीटीआर से गुजरने वाले मार्ग पर चहलकदमी करते बाघ के पीछे वाहन। स्रोत: इंटरनेट मीडिया

पीटीआर से गुजरने वाले मार्ग पर चहलकदमी करते बाघ के पीछे वाहन। स्रोत: इंटरनेट मीडिया

HighLights

  1. रात्रि प्रतिबंध और गति सीमा के नियमों की उड़ रही धज्जियां

  2. सड़क पर बाघ दिखने पर हुड़दंग मचाते वाहन चालक व राहगीर

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। बहराइच के कतर्नियाघाट क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से वयस्क बाघ की मौत ने वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा कर दी हैं। सरयू नहर में बाघ का शव मिलने की इस घटना के बाद पीटीआर में हादसे की आशंका गहराने लगी है। यहां के शांत जंगलों से गुजरने वाले मार्गों पर इन दिनों बेलगाम रफ्तार और हुड़दंग लगातार वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।

विडंबना यह है कि सड़क किनारे बाघ को देखकर राहगीर सतर्क होने के बजाय वाहन रोककर उनसे छेड़छाड़, वीडियो बनाने की होड़ और शोर-शराबा करने लगते हैं।

लोगों की यह लापरवाही किसी भी दिन बहराइच जैसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है। वहीं, ऐसा करना मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं का कारण भी बन सकता है।

जंगल के रास्तों से सुरक्षित आवागमन के लिए वन विभाग ने नियम तो बनाए हैं, लेकिन उनका पालन कराने में लापरवाही बरती जा रही है। वन्यजीवों को हादसों से बचाने के लिए वन रास्तों पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 30 किलोमीटर प्रतिघंटा तय की गई है।

माधोटांडा-खटीमा मार्ग पर अक्सर बाघों की चहलकदमी रहती है, जिसे देखते हुए इसी साल मार्च महीने में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के क्रम में कई मार्गों पर रात्रि आवागमन पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।

इसके बावजूद रात के अंधेरे में लोग इन रास्तों पर बेरोकटोक तेज रफ्तार गाड़ियां दौड़ाते हैं। वनमार्गों पर रफ्तार का यह जानलेवा खेल नया नहीं है। बीते वर्षों के दौरान सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर बाघ और तेंदुओं जैसे वन्यजीवों की जान जा चुकी है।

इसके अलावा हिरण, सियार और अन्य कई छोटे वन्यजीव भी अक्सर सड़क हादसों का शिकार होते हैं। बहराइच की हालिया घटना पीटीआर और जिला प्रशासन के लिए चेतावनी है।

बाघ को घेरने वालों पर होगी कार्रवाई

पीटीआर के वाइफरकेशन से शारदा सागर डैम को जाने वाले मार्ग पर रविवार रात अल्प व्यस्क बाघ की चहलकदमी देखी गई। बाघ के सड़क पर आते ही कई वाहनों ने उसका पीछा करना शुरु कर दिया।

सामने से आ रहे वाहन भी बाघ को देखकर रुक गए। इस दौरान लगातार बाघ के चेहरे पर तेज हेडलाइट मारी गईं। खुद को घिरा देख बाघ असहज भी हो गया।

खुद को घिरा देख वह आक्रामक भी हो सकता था। पूरे मामले का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित रो रहा है। विभागीय अधिकारी मामले में कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

 

बाघ की चहलकदमी के दौरान उसे घेरने व उसके पर्यावास से छेड़छाड़ से जुड़ा वीडियो संज्ञान में आया है। वीडियो के आधार पर वाहनों की पहचान की जा रही है। संबंधित स्टाफ से जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में विभागीय केस दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर


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