UP के टाइगर रिजर्व्स में सफारी की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, अब एक ही वेबसाइट से बुक होंगे पीटीआर, दुधवा और अमानगढ़
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) समेत उत्तर प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी की ऑनलाइन बुकिंग अब एक ही ...और पढ़ें

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HighLights
शहर से 4,500 व मुस्तफाबाद से 3,600 रुपये में होगी सफारी वाहनों की बुकिंग
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में जंगल सफारी कर बाघों के दीदार का रोमांच अब पर्यटकों के लिए और भी सुलभ हो गया है। यहां आने वाले देश-विदेश के सैलानियों को अब सफारी बुकिंग के लिए न तो लंबा इंतजार करना पड़ेगा और न ही गेट्स की भागदौड़ करनी पड़ेगी। प्रदेश सरकार ने पीटीआर समेत प्रदेश के चारों टाइगर रिजर्व की आनलाइन बुकिंग को एक ही वेबसाइट पर केंद्रित कर दिया है।
इस नई व्यवस्था से पीटीआर के अलावा सैलानी लखीमपुर खीरी के दुधवा, बिजनौर के अमानगढ़ और चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व की बुकिंग भी आसानी से कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ ही साथ बुकिंग में भी पारदर्शिता आएगी।
वर्तमान में पीटीआर में 95 वाहन (67 जिप्सी व 28 जिनान) बतौर जंगल सफारी संचालित होते हैं। हालांकि, वन नियमों के तहत एक पाली में अधिकतम 47 वाहनों को ही सफारी के लिए अधिकृत किया जाता है।
नई व्यवस्था के तहत अब इन कुल अधिकृत वाहनों में से 50 प्रतिशत को आनलाइन बुकिंग के लिए आरक्षित रखा जाएगा। अब तक पीटीआर में आनलाइन बुकिंग के लिए केवल पांच जिनान वाहन ही उपलब्ध थे।
पर्यटकों के रुझान के कारण ये वाहन तुरंत हाउसफुल हो जाते थे, जिससे दूर-दराज से आने वाले सैलानियों को परेशानी होती थी। आफलाइन बुकिंग पर निर्भरता के चलते स्थानीय गेटों पर कई बार ओवर रेटिंग और मिलीभगत की शिकायतें भी सामने आ रही थीं।
बीते सत्र एक सैलानी ने इस संबंध में डीएफओ से लिखित शिकायत भी दर्ज कराई थी। आनलाइन बुकिंग की व्यवस्था से न केवल इन अनियमितताओं पर रोक लगेगी, बल्कि प्रवेश द्वारों पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।
पर्यटक अब अपनी सुविधा के अनुसार पीटीआर के लिए शहर या मुस्तफाबाद से सफारी बुक कर सकेंगे। शहर से सफारी बुकिंग के लिए पर्यटकों को 4,500 रुपये और मुस्तफाबाद से 3,600 रुपये का भुगतान करना होगा।
हालांकि, कैमरा और पार्किंग आदि का शुल्क पहले की तरह गेट पर ही वसूला जाएगा। इस पारदर्शी व्यवस्था से सैलानी अब घर बैठे ही पीटीआर के रोमांचक सफर की पूरी योजना घर बैठे ही आसानी से बना सकेंगे।
पर्यटकों की सुविधा और बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए शासन स्तर पर यह एकीकृत आनलाइन व्यवस्था शुरू की गई है। 50 प्रतिशत सफारी वाहन आनलाइन आरक्षित रहेंगे। इस नई व्यवस्था से सैलानियों को घर बैठे बुकिंग की सुविधा मिलेगी, वहीं गेटों पर होने वाली असुविधा की शिकायतों पर भी पूरी तरह से अंकुश लगेगा।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर
