बाघों के बाद अब पीटीआर में दिखे दुर्लभ मेहमान, नदियों के किनारे गूंज रही अनोखी चहचहाहट
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) इन दिनों बाघों के साथ-साथ दुर्लभ तटीय पक्षियों की मधुर चहचहाहट से गुलजार है। शारदा और ...और पढ़ें

जलस्रोत में विचरण करता ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट का झुंड। स्रोत: इंटरनेट मीडिया
HighLights
शारदा, माला और चूका नदी के रेतीले किनारों पर बड़ी संख्या में नजर आ रहे तटीय पक्षी
ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, कामन सैंडपाइपर और पैसिफिक गोल्डन प्लोवर जैसी प्रजातियां बनीं आकर्षण
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। बाघों की दहाड़ और तराई के घने जंगलों के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाला पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) इन दिनों अलग प्राकृतिक छटा समेटे हुए है। टाइगर रिजर्व का नजारा अब सिर्फ वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देसी और प्रवासी पक्षियों की मधुर चहचहाहट से गुलजार हो उठा है।
पीटीआर के भीतर से गुजरने वाली शारदा और माला नदियों के रेतीले किनारे और शांत वेटलैंड्स इन दिनों दुर्लभ तटीय पक्षियों के लिए सुरक्षित और मनपसंद बसेरा बन गए हैं।
सुबह की नमी और पानी की लहरों के बीच अठखेलियां करते इन खूबसूरत पक्षियों का यह विशाल जमावड़ा न केवल जंगल की रौनक में चार चांद लगा रहा है, बल्कि यह पीटीआर के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का भी प्रमाण दे रहा है।
पीटीआर से होकर गुजरने वाली नदियों और जलाशयों के रेतीले किनारों पर इन दिनों ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, कामन रेडशंक, पैसिफिक गोल्डन प्लोवर, कामन सैंडपाइपर और कामन ग्रीनशैंक जैसे दुर्लभ पक्षियों के झुंड बड़ी संख्या में देखे जा रहे हैं।
सुबह की शांति और नमी के बीच लंबे पैरों वाले ये तटीय पक्षी उथले पानी में शिकार तलाशते हैं, तो एक बेहद आकर्षक प्राकृतिक दृश्य नजर आता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन पक्षियों की अच्छी-खासी संख्या इस बात का प्रमाण है कि टाइगर रिजर्व का पर्यावरण पूरी तरह स्वस्थ है।
टर्क्वाइज वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसायटी के अध्यक्ष अख्तर मियां बताते हैं कि ये खूबसूरत पक्षी केवल कुदरती नजारा ही नहीं संवारते, बल्कि पानी के भीतर पनपने वाले कीड़े-मकोड़ों व छोटे जीवों को खाकर जलीय संतुलन को भी बनाए रखते हैं।
पीटीआर डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि विभाग का लक्ष्य केवल बाघों को बचाना ही नहीं है, बल्कि वेटलैंड्स और यहां आने वाले पक्षियों का संरक्षण भी प्राथमिकताओं में शामिल है।
जलाशयों के आसपास लगातार दिख रही इन पक्षियों की विविधता पीटीआर के समृद्ध ईको सिस्टम को दर्शाती है। इन जलीय आवासों में इंसानी दखलंदाजी और शिकार जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए गश्त बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
