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PTR में 1 नवंबर से शुरू होना है पर्यटन सत्र, पर उससे पहले 6 हाथियों ने मचाया गदर; टूटी फेंसिंग

Published: Sat, 17 Oct 2026 07:44 PM (IST)

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले छह हाथियों के झुंड ने फेंसिंग तोड़कर और सफारी मार्गों ...और पढ़ें

महोफ रेंज में दाखिल हुए हाथियों ने क्षतिग्रस्त की फेंसिंग। जागरण

महोफ रेंज में दाखिल हुए हाथियों ने क्षतिग्रस्त की फेंसिंग। जागरण

HighLights

  1. बाराही रेंज में दाखिल हुए छह हाथियों के झुंड ने किया नुकसान, मुस्तफाबाद गेट के पास जमाया डेरा

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीटीआर में आगामी एक नवंबर से शुरू होने जा रहे नए पर्यटन सत्र की तैयारियों के बीच जंगली हाथियों के उत्पात ने वन विभाग के लिए नई समस्या खड़ी कर दी है। पीटीआर के पर्यटन क्षेत्र में हाथियों के एक झुंड की लगातार चहलकदमी देखी जा रही है।

हाथियों ने न केवल सफारी मार्गों पर डेरा जमा लिया है, बल्कि सुरक्षा के लिए लगाई गई चेनलिंक फेंसिंग को भी कई जगहों से तोड़ दिया है। इससे न सिर्फ पर्यटन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि फेंसिंग टूटने से मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ गया है।

बीते कुछ दिनों से पीटीआर की हरिपुर रेंज के समीप छह हाथियों का एक झुंड विचरण कर रहा था। बुधवार को यह झुंड बाराही रेंज से पर्यटन क्षेत्र में दाखिल हो गया।

जंगल के इस हिस्से में पहुंचते ही हाथियों का यह कुनबा तीन-तीन के दो अलग-अलग हिस्सों में बंट गया। इनमें से तीन हाथियों का एक झुंड लगातार मुस्तफाबाद गेट और सफारी मार्गों के आसपास चहलकदमी कर रहा है।

हाथियों ने फेंसिंग को काफी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों की ओर चेनलिंक फेंसिंग तोड़े जाने से वन विभाग के सामने कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

फेंसिंग टूटने का सबसे बड़ा दुष्परिणाम यह है कि अब इसके खुले रास्तों से बाघ, तेंदुआ या अन्य हिंसक वन्यजीव आसानी से जंगल से बाहर निकलकर जंगल किनारे बसे गांवों की आबादी तक पहुंच सकते हैं। जिससे ग्रामीणों की जान का जोखिम बढ़ गया है।

इसके अलावा, मुस्तफाबाद गेट और सफारी मार्गों पर हाथियों की मौजूदगी और टूटी फेंसिंग पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। फिलहाल, वन विभाग की टीमें हाथियों के मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

कर्मचारियों द्वारा हाथियों के वनक्षेत्र की ओर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे फेंसिंग की जल्द से जल्द मरम्मत कराकर एक नवंबर से पर्यटकों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सके।

 

हाथियों की चहलकदमी पर लगातार नजर रखी जा रही है। कुछ जगहों पर फेंसिंग आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई थी जिसे दुरुस्त कराया जा रहा है। निगरानी के लिए टीमें लगाई गई हैं। हाथियों को आबादी क्षेत्र में जाने से रोकने के प्रयास कर रहे हैं।

- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर


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