पीलीभीत के 'मिनी गोवा' चूका बीच का बदलेगा रूप: जर्जर हटें हटेंगी, 1.96 करोड़ से बनेंगी हाई-टेक फैब्रिकेटेड हटें
पीलीभीत के चूका बीच पर आगामी पर्यटन सत्र से पहले बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पुरानी बांस की हटों ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, पीलीभीत। तराई के मिनी गोवा यानी पीटीआर के चूका बीच का नजारा आगामी पर्यटन सत्र में बदला नजर आएगा। नवंबर से शुरू हो रहे नए पर्यटन सीजन में देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए वन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
चूका बीच पर मौजूद पुरानी और जर्जर हो चुकी बांस की हटों को हटाकर अब उनकी जगह अत्याधुनिक फैब्रिकेटेड हटों का निर्माण किया जाएगा।
पीलीभीत में ईको-टूरिज्म को पंख लगाने के लिए बुधवार को लखनऊ स्थित मुख्यालय में पीलीभीत टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन के शासी निकाय की तीसरी अहम बैठक आयोजित की गई।
वन मंत्री डाॅ. अरुण कुमार सक्सेना और केपी मलिक की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पीटीआर में विकास कार्यों का विस्तृत खाका खींचा गया। बैठक में सर्वसम्मति से विभिन्न ईको-पर्यटन और विकास कार्यों के लिए 1.96 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई है।
बैठक के दौरान वन मंत्री डाॅ. अरुण कुमार सक्सेना ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चूका बीच पर नई फैब्रिकेटेड हटें बनाने और मौजूदा कैंटीन के उच्चीकरण का काम हर हाल में अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाए।
इससे नवंबर में जब पर्यटन सत्र शुरू हो, तो पर्यटकों को सभी सुविधाएं तैयार मिलें। इसके साथ ही, कैंटीन की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा शौचालयों का पर्याप्त व स्वच्छ इंतजाम करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
शारदा सागर डैम के किनारे और घने जंगलों के बीच स्थित चूका बीच पर प्रकृति के करीब ठहरना हमेशा से पर्यटकों के लिए रोमांचक रहा है। इन नई और अत्याधुनिक हटों के बनने से सैलानियों को जंगल के बीच एक सुरक्षित, आरामदायक और बेहतरीन अनुभव मिलेगा।
पर्यटन सुविधाओं में इस इजाफे से न सिर्फ पीलीभीत में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीटीआर की एक अलग पहचान भी स्थापित होगी।
