पीलीभीत टाइगर रिजर्व बना बाघ संरक्षण की पाठशाला, 65 IFS अफसर सीखेंगे फील्ड मैनेजमेंट के गुर
पीलीभीत टाइगर रिजर्व देश भर के वन अधिकारियों के लिए प्राकृतिक संतुलन, आधुनिक प्रबंधन और वन्यजीव संवर्धन की एक बड़ी ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, पीलीभीत। तराई की तलहटी में बसा पीटीआर अब देश भर के वन अफसरों के लिए प्राकृतिक संतुलन, आधुनिक प्रबंधन और वन्यजीव संवर्धन की एक बड़ी पाठशाला बनने जा रहा है। देश के प्रतिष्ठित संस्थान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून की ओर से 65 आईएफएस अधिकारियों का एक दल यहां दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जा रहा है।
वे यहां के संरक्षण व मानव वन्यजीव संघर्ष के माडल को बेहद करीबी से समझेंगे। वहीं, यहां का दौरा बाघों की संख्या बढ़ाने के गुर सीखने के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है।
तय कार्यक्रम के अनुसार, 14 से 21 अक्तूबर तक चलने वाले यूपी-उत्तराखंड के इस विशेष थीमेटिक टूर के तहत यह दल 17 अक्टूबर को रामनगर से 270 किलोमीटर का सफर तय कर पीलीभीत पहुंचेगा।
यहां रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन 18 अक्टूबर को सभी अधिकारी पीलीभीत टाइगर रिजर्व का भ्रमण करेंगे। इसके बाद 19 अक्टूबर को दल दुधवा होते हुए लखनऊ के लिए रवाना हो जाएगा।
इंदिरा गांधी वन अकादमी की ओर से भेजे जा रहे इस दल में वर्ष 2016, 2017 और 2018 बैच के अधिकारी शामिल रहेंगे। अपने प्रवास के दौरान ये अफसर न केवल जंगल का भ्रमण कर यहां की समृद्ध जैव विविधता को करीब से देखेंगे।
बल्कि टाइगर रिजर्व प्रशासन की कार्यप्रणाली, फील्ड प्रबंधन, निगरानी तंत्र और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए अपनाई जा रही तकनीकों से भी रूबरू होंगे।
दशक भर पहले टाइगर रिजर्व का दर्जा पाने वाले पीटीआर की सीमाएं उत्तराखंड, नेपाल की शुक्लाफांटा सेंचुरी, उत्तरी खीरी, दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर वन्यजीव विहार और शाहजहांपुर वन प्रभाग से सटी हैं।
दर्जा मिलने के एक दशक से अधिक के सफर में रिजर्व ने न सिर्फ बाघों का कुनबा बढ़ाने में अप्रत्याशित सफलता हासिल की है, बल्कि प्राकृतिक संतुलन को पुनर्स्थापित करने की दिशा में भी मिसाल पेश की है।
सीमित संसाधनों और तमाम भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद तकनीक, जनजागरूकता और प्रशासनिक तत्परता के जरिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व दुनिया के सामने सुरक्षित वन्यजीव संरक्षण और समृद्ध सहअस्तित्व का एक आदर्श माडल बनकर उभरा है। यही वजह है कि देश की शीर्ष अकादमी ने आईएफएस अफसरों के प्रशिक्षण व अध्ययन के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व का चयन किया है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी से 65 आइएफएस अधिकारियों का दल अगले माह दो दिवसीय टूर पर पीटीआर आ रहा है। यह दल यहां टाइगर रिजर्व प्रशासन के कामकाज, धरातलीय चुनौतियों और फील्ड मैनेजमेंट से रूबरू होगा। साथ ही दल को जंगल का भ्रमण भी कराया जाएगा।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर
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