कुदरत का जादू: यूपी में ही मिलेगा मुंबई के मरीन ड्राइव का मजा, शाम ढलते ही बदल जाता है नजारा!
पीलीभीत का शारदा सागर डैम एक नए सनसेट पॉइंट के रूप में उभर रहा है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ...और पढ़ें

माधोटांडा के समीप स्थित शारदा सागर डैम पर सूर्यास्त का नजारा। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। कल्पना कीजिए, एक तरफ तराई के घने जंगल की हरी-भरी चादर, दूसरी तरफ शांत जल और इन सबके बीच आसमान में अस्त होता सूर्य। पानी की लहरों पर जब ढलते सूरज की सुनहरी लालिमा पड़ती है, तो ऐसा लगता है मानों कुदरत ने अपनी पूरी खूबसूरती इसी कैनवस पर उकेर दी हो।
प्रकृति प्रेमी और फोटोग्राफी के शौकीन पर्यटकों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। पानी की लहरों की कलकल और डूबते सूरज की लालिमा पर्यटकों को कई घंटे तक बांधे रखती है।
तराई के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ सूर्यास्त का यह नजारा मुंबई के मरीन ड्राइव पर सूर्यास्त देखने के नजारे का अहसास कराता है। इसको भुनाने के लिए पर्यटन विभाग और पीटीआर प्रशासन भी लगातार प्रयास कर रहे हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व यूं तो हमेशा से अपने चूका बीच और जंगल सफारी के लिए देश-दुनिया के पर्यटकों की पहली पसंद रहा है, लेकिन अब इस पर्यटन मानचित्र पर एक नया और जादुई ठिकाना जुड़ गया है।
डैम के दूसरे छोर पर स्थित विशाल शारदा सागर डैम की शांत सड़क अब एक शानदार सनसेट पाइंट के रूप में तेजी से उभर रही है। शांत जलस्त्रोत के बीच ढलते सूरज का यह विहंगम नजारा इतना अद्भुत है कि यह मशहूर हिल स्टेशनों के सूर्यास्त को भी टक्कर दे रहा है।
महानगरों की भीड़भाड़ से दूर, तराई के इस नए प्राकृतिक सौंदर्य और सुकून को निहारने के लिए अब सैलानी दूर-दूर से पीलीभीत का रुख करने लगे हैं। प्रकृति प्रेमी और फोटोग्राफी के शौकीन पर्यटकों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।
पानी की लहरों की कलकल और डूबते सूरज की लालिमा पर्यटकों को कई घंटे तक बांधे रखती है। तराई के इस प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देने के लिहाज से पर्यटन विभाग और पीटीआर प्रशासन भी लगातार प्रयास कर रहे हैं।
यहां पर्यटकों की सहूलियत के लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीते वर्ष सिंचाई विभाग की ओर से भी यहां काम कराया गया था।
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डैम की दीवारों का रंगरोगन कराया गया था। डैम किनारे पर्यटकों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई थी, ताकि वे आराम से बैठकर कुदरत के इस अनूठे नजारे का सुकून के साथ लुत्फ उठा सकें। आगामी पर्यटन सत्र में यहां पर्यटकों की भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है।
ऐसे पहुंचे शारदा सागर डैम
शहर से इस खूबसूरत सनसेट पाइंट तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को करीब 50 किलोमीटर का सफर तय करना होता है। इसके लिए पर्यटकों को शहर से माधोटांडा मार्ग होते हुए वाइफरकेशन प्वाइंट तक पहुंचना होगा।
यहां से रमनगरा की ओर जाने वाले मार्ग पर आगे बढ़ने पर सीधे शारदा सागर डैम पहुंचा जा सकता है। पर्यटक आसानी से अपने वाहनों से यहां तक पहुंच सकते हैं।
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