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पीलीभीत: 205 जर्जर स्कूल भवन ध्वस्त, 199 में बनेगी बाउंड्री- अब सुरक्षित माहौल में होगी बच्चों की पढ़ाई

Published: Thu, 15 Oct 2026 06:49 PM (IST)

पीलीभीत में 205 जर्जर परिषदीय स्कूल भवन ध्वस्त किए गए हैं, जबकि 199 बाउंड्रीविहीन विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण होगा। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बाउंड्री ना होने से स्कूल में आवारा पशुओं का रहता था जमावड़ा और जर्जर भवन से हादसे का डर

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। जिले में परिषदीय विद्यालयों के 205 जर्जर भवनों को ध्वस्त करा दिया गया है, जबकि बाउंड्रीविहीन 199 विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। इससे एक ओर जर्जर भवनों के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों पर मंडरा रहा हादसों का खतरा कम हुआ है, वहीं दूसरी ओर खुले स्कूल परिसरों की सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी है।

चहारदीवारी न होने से कई विद्यालयों में आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। अब इन विद्यालयों को सुरक्षित परिसर उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत निधि से निर्माण कार्य कराया जाएगा।

बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को भेज दिए हैं। प्रस्तावों को मंजूरी मिलते ही चहारदीवारी निर्माण का काम शुरू करा दिया जाएगा।

विभाग की इस पहल से विद्यालय परिसरों में अनधिकृत आवाजाही और आवारा पशुओं की समस्या पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। जिले में परिषदीय शिक्षा का दायरा बड़ा है। यहां कुल 1,508 विद्यालय संचालित हैं।

इनमें 291 कंपोजिट, 928 प्राथमिक और 280 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी संचालित हैं। इन संस्थानों में कक्षा एक से आठ तक एक लाख 55 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।

इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराना विभाग के सामने अहम जिम्मेदारी है। जर्जर भवनों को हटाने के बाद अब बाउंड्रीविहीन विद्यालयों में चहारदीवारी निर्माण की योजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

हालांकि, प्रस्तावों को मंजूरी मिलने और निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ही विद्यालयों को इसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा। फिलहाल विभाग की नजर सीडीओ की स्वीकृति पर टिकी है, ताकि निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ सके और बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिल सके।

 

जिले के 205 जर्जर भवनों को सुरक्षा की दृष्टि से ध्वस्त करा दिया गया है। 199 बाउंड्रीविहीन विद्यालयों में चहारदीवारी निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर सीडीओ को भेजे गए हैं। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

- रोशनी सिंह, बीएसए


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