करवा चौथ के लिए मिलेंगे स्पेशल डिजाइनर करवे, पीलीभीत के सरल मेले में सजेगा स्वदेशी उत्पादों का बाजार
पीलीभीत के गांधी स्टेडियम में गुरुवार से तीन दिवसीय सरस मेला शुरू होगा, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

ये तस्वीर एआई द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
पीलीभीत में तीन दिवसीय सरस मेले का आयोजन
महिलाओं को सशक्त बनाना, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा
सहारनपुर फर्नीचर, भदोही कालीन, त्योहारी वस्तुएं आकर्षण
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शहर के गांधी स्टेडियम में गुरुवार से तीन दिवसीय सरस मेला लगेगा। यह मेला शनिवार तक चलेगा।
मेले का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्वावलंबी बनाना व उनके द्वारा तैयार किए गए स्वदेशी उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए एक बाजार उपलब्ध कराना है।
त्योहारी सीजन में लगने वाले इस मेले से शहरवासियों को एक ही स्थान पर जरूरत का सामान मिलेगा। वहीं, मनोरंजन के लिए शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
मेले में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों की हस्तकला और स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें सहारनपुर का प्रसिद्ध लकड़ी का फर्नीचर और भदोही के कालीन मुख्य आकर्षण होंगे। आगामी त्योहारों को देखते हुए दीपावली की सजावट के सामान, मोमबत्ती और दीये भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।
करवा चौथ के लिए मिलेंगे स्पेशल डिजाइनर करवे
करवा चौथ के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए डिजाइनर करवे और चलनी भी महिलाओं को एक ही जगह पर मिल सकेंगे। मेले में महिलाओं की ओर से तैयार किए गए जरी-जरदोज़ी के कपड़े, डिजाइनर बैग, पर्स, हस्तनिर्मित शुद्ध मसाले, जूट के उत्पाद, दरियां, चादरें, पायदान और आयुर्वेदिक साबुन की भी बिक्री होगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार सहित मेले में आएं और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी कर ग्रामीण महिलाओं का उत्साहवर्धन करें।
उपायुक्त स्वत: स्वरोजगार वंदना सिंह ने बताया कि सरस मेले का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके जरिए उनके हुनर को नई पहचान और उनके उत्पादों को एक बड़ा बाजार मिलेगा।
यह भी पढ़ें- ऐतिहासिक तिगरी मेला 5 KM के दायरे में सजेगा, 20 अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी; ड्रोन-CCTV से होगी निगरानी
