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ये है यूपी का 'करोड़पति' चपरासी, तीन पत्नि‍यां... दो के अकाउंट में 59 लाख की FD; जांच में हुए चौंकाने वाली खुलासे

Published: Tue, 14 Apr 2026 09:59 PM (GMT+05:30)

चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी के गबन मामले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पीलीभीत डीआईओएस कार्यालय से ...और पढ़ें

करोड़पति चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी।

करोड़पति चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी।

HighLights

  1. चपरासी इल्हाम शम्सी ने 5.28 करोड़ रुपये का गबन किया।

  2. पुलिस ने 53 बैंक खातों में जमा राशि फ्रीज की।

  3. दो पत्नियों के खातों में 59 लाख की एफडी मिली।

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में संबद्ध रहा करोड़पति चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी के गबन करने की जांच ज्यों-ज्यों आगे बढ़ रही है, क्योंकि उसका भंड़ाफोड होता जा रहा है। जांच में सामने आया है कि चपरासी इल्हाम की तीन पत्निया हैं, जो अलग-अलग जिलों में रहती हैं, जिनमें से दो पत्नियों और एक रिश्तेदार महिला के बैंक खाते में आरोपित ने 59 लाख रुपये की एफडी कराई गई, जिसको विवेचक ने फ्रीज करा दिया।

पुलिस ने इल्हाम के कोषागार में सरकारी धन का गबन करने के मामले में अब तक 53 खातों में संदिग्ध लेनदेन पाया, उन बैंक खातों में 5.28 करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज कराई गई। चपरासी की काली करतूतों को उजागर करने के लिए प्रकरण की विवेचना के लिए एसपी ने चार सदस्यीय टीम को लगाया, जिसकी रोजाना पुलिस अधिकारी मानीटरिंग कर रहे हैं।

डीआइओएस ने प्राथमिकी पंजीकृत कराई थी, जिसमें बताया था कि आरोपित इल्हाम शम्सी जनता टेक्निकल इंटर कालेज बीसलपुर में कार्यरत था और उनके कार्यालय में संबद्ध था। आरोपित ने फर्जी व कूटरचित तरीके से वेतन मद से बेनिफिशियरी गलत तरीके से बनाकर दिनांक 12 सितंबर 2024 से दिसंबर 2025 तक 98 ट्रांजेक्शन के माध्यम् से 1.02 करोड़ रुपये कोषागार से एनईएफटी के माध्यम से आहरण एवं वितरण कर गबन किया गया।

इस मामले में इल्हाम उर रहमान शम्सी और अर्शी खातून के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की गई। इसकी जांच में अर्शी खातून को जेल भेज गया, लेकिन उसको भी कोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद आरोपित इल्हाम को हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई। इधर, पुलिस की जांच जारी रही। आरोपित इल्हाम की जांच करने के लिए पुलिस ने वर्ष 2014 से लेकर 2026 तक जिले में संचालित 35 राजकीय इंटर कालेज व हाईस्कूल और 22 अशासकीय सहायता प्राप्त इंटर कालेजों में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या, नाम बैंक खाता आदि की विस्तृत डिटेल वर्षवार मांगी।

सारी डिटेल मिलने के बाद पुलिस टीम ने मामले की जांच तथ्यात्मक रूप से शुरू की तो पता चला कि एक करोड़ नहीं बल्कि कई करोड़ रुपये की गड़बड़ी की गई। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला कि इल्हाम ने अपनी पत्नी के खाते से जेएचएम इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड बरेली के खाते में 90 लाख रुपये और ओरिका होम्स में बिल्डर बरेली के खाते में 17.18 लाख रुपये ट्रांसफर किए।

इसमें जेएचएम इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड बरेली के संचालक जयदीप लुनियाल, हरीश अरोरा व मंसूर खान और ओरिका होम्स के संचालक प्रसून चौहान, ईशान अग्रवाल व संदीप सिंह है। पुलिस ने दोनों ही बिल्डर कंपनियों के संचालकों को नोटिस देते हुए रकम से छेड़छाड़ नहीं करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पता चला कि इल्हाम ने पीलीभीत में रहने वाली पत्नी अर्शी खातून के खाते में 33.30 लाख रुपये की एफडी कराई।

बुलंदशहर जिले के खुर्जा में रहने वाली दूसरी पत्नी अजरा के बैंक खाते में इल्हाम ने 25 लाख रुपये की एफडी कराई। तीसरी पत्नी लुबना संभल में रहती है, लेकिन उसके खाते में वित्तीय लेनदेन की पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा रिश्तेदार तहसीन जहां पत्नी इनायतुल्ला खां के खाते में 70,444 रुपये की एफडी कराई। इस प्रकरण में अब तक लगभग 53 खातों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन चिन्हित किए गए हैं, जिसमें 5.28 करोड़ रुपये फ्रीज कराए जा चुके हैं।

 

 

इल्हाम शम्सी के गबन करने के मामले की जांच चार सदस्यीय टीम कर रही है। अब तक 53 बैंक खातों में जमा 5.28 करोड़ रुपये फ्रीज कराए जा चुके हैं। इस मामले की सघन जांच करने के निर्देश टीम को दिए हैं। पूरे प्रकरण की कड़ी मानीटरिंग की जा रही है। सुकीर्ति माधव, एसपी

 

 

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