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पीलीभीत हत्याकांड: खंभे से बांधकर युवक की बेरहमी से ली थी जान, कोर्ट ने सुनाया उम्रकैद का फैसला

Published: Fri, 11 Sep 2026 10:19 PM (IST)

पीलीभीत में दो वर्ष पूर्व हुए युवक अनिल उर्फ छोटे हत्याकांड में जनपद सत्र न्यायाधीश ने चार दोषियों को आजीवन ...और पढ़ें

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HighLights

  1. जनपद सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार ने दोषियों पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

  2. मुकदमा के दौरान दो दोषियों की हो चुकी मृत्यु, पीड़ित को घर से पकड़कर ले गए थे दोषी

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। घर में घुसकर युवक को खींचकर ले गए और खंभे से बांधकर पीटा। इसके बाद गांव की गलियों में घसीटते हुए घुमाया और पीट-पीटकर हत्या कर दी। दो वर्ष पूर्व हुए इस हत्याकांड में जनपद सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार ने सभी चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

न्यायालय ने दोषियों पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड की कुल धनराशि में से आधी धनराशि वादी मुकदमा रामचंद्र या उसके निकटतम उत्तराधिकारी को दी जाएगी। दो अन्य दोषियों की मुकदमा के दौरान मृत्यु हो चुकी है।

ग्राम भूड़ा सेमनगर उर्फ पड़री के रामचंद्र ने थाना गजरौला में दो वर्ष पहले प्राथमिकी पंजीकृत कराई थी। उन्होंने बताया था कि 10 जुलाई 2024 को शाम करीब चार बजे गांव के कल्लू धीमर, रामकुमार धीमर, सूरजपाल, सुरेंद्र उर्फ अलगू, मदनलाल व रामकुमार की पत्नी गंगादेई उसके दरवाजे पर आए।

आरोपित आकर कहने लगे कि उनके लड़के अनिल उर्फ छोटे ने गंगादेई की गर्दन दबा दी। उन्होंने कहा था कि आरोपित गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। उसी समय अनिल उर्फ छोटे मिल गया, जिसको इन लोगों ने खंभे से बांधकर लाठी डंडों से काफी मारा पीटा।

इसके बाद उसे रस्सी से बांधकर व घसीटकर सड़क पर लाकर उसकी हत्या कर दी। लाश को गांव से सुहास जाने वाले रास्ते में डाल दिया। पीड़ित और उसकी पत्नी बिजरानी ने अपने पुत्र अनिल को बचाने की काफी कोशिश की थी।

पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में मदनलाल, कल्लू धीमर उर्फ भीमसेन, रामकुमार धीमर, सूरजपाल उर्फ सत्यपाल, सुरेंद्र उर्फ सुरेंद्र पाल उर्फ अलगू व गंगादेई की दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय मे दाखिल किया सुनवाई के दौरान रामकुमार धीमर व गंगादेई की मृत्यु हो गई।

शेष चार अभियुक्तों के विरुद्ध सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र पाल गंगवार ने वादी रामचंद्र सहित कई गवाह न्यायालय में पेश किए।

आरोपितों ने खुद को निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद मदनलाल, कल्लू धीमर उर्फ भीमसेन, सूरजपाल उर्फ सत्यपाल सुरेंद्र को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। सभी दोषियों पर 30-30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।

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