पीलीभीत में गोशाला के पास दिखे तेंदुए के ताजे पगचिह्न, दहशत में ग्रामीण; वन विभाग की गश्त बढ़ी
पीलीभीत के भरतपुर गांव में गोशाला के पास तेंदुए के ताजे पगचिह्न मिलने से ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत फैल ...और पढ़ें

मझोला के भरतपुर गांव में चकरोड पर मिले तेंदुए के पगचिह्न। स्रोत: ग्रामीण
HighLights
मवेशियों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में दहशत, ग्रामीणों ने की तेंदुए को पकड़ने की मांग
संवाद सूत्र, मझोला (पीलीभीत)। न्यूरिया थाना क्षेत्र के भरतपुर गांव में मंगलवार को गांव की गोशाला के समीप स्थित चकरोड पर तेंदुए के ताजे पगचिह्न देखे गए। बीते कुछ समय से पीटीआर और आसपास के जंगलों से निकलकर आबादी की ओर वन्यजीवों की लगातार बढ़ती चहलकदमी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
गोशाला के पास तेंदुए के पगचिह्न मिलने से पशुपालकों में अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर खासी चिंता देखी जा रही है। भरतपुर गांव के कुछ ग्रामीण मंगलवार को गोशाला की ओर जाने वाले चकरोड से गुजर रहे थे।
ग्रामीणों को मिट्टी पर किसी वन्यजीव के पैरों के निशान दिखाई दिए। गौर से देखने पर जब उनके तेंदुए के पगचिह्न होने की पुष्टि हुई। अनहोनी की आशंका से डरे सहमे ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला हरकत में आ गया। वन दरोगा सोनी सिंह, वनकर्मी प्रमोद कुमार और राजीव ढली फौरन मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और पगचिह्नों की जांच की।
टीम ने आसपास के इलाके में भी तेंदुए की संभावित गतिविधियों की जानकारी जुटाई। वन दरोगा सोनी सिंह ने बताया कि मौके पर मिले निशान तेंदुए के ही पगचिह्न हैं। एहतियात के तौर पर वन विभाग ने इलाके में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है।
ग्रामीणों से भी विशेष सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि रात के समय खेतों या गोशाला की ओर अकेले न जाएं और हमेशा समूह में ही निकलें।
मवेशियों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में दहशत
न्यूरिया थाना क्षेत्र के भरतपुर गांव में मंगलवार को गांव की गोशाला के समीप स्थित चकरोड पर तेंदुए के ताजे पगचिह्न देखे गए। बीते कुछ समय से पीटीआर और आसपास के जंगलों से निकलकर आबादी की ओर वन्यजीवों की लगातार बढ़ती चहलकदमी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गोशाला के पास तेंदुए के पगचिह्न मिलने से पशुपालकों में अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर खासी चिंता देखी जा रही है।
भरतपुर गांव के कुछ ग्रामीण मंगलवार को गोशाला की ओर जाने वाले चकरोड से गुजर रहे थे। ग्रामीणों को मिट्टी पर किसी वन्यजीव के पैरों के निशान दिखाई दिए। गौर से देखने पर जब उनके तेंदुए के पगचिह्न होने की पुष्टि हुई।
अनहोनी की आशंका से डरे सहमे ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला हरकत में आ गया। वन दरोगा सोनी सिंह, वनकर्मी प्रमोद कुमार और राजीव ढली फौरन मौके पर पहुंचे।
वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और पगचिह्नों की जांच की। टीम ने आसपास के इलाके में भी तेंदुए की संभावित गतिविधियों की जानकारी जुटाई। वन दारोगा सोनी सिंह ने बताया कि मौके पर मिले निशान तेंदुए के ही पगचिह्न हैं।
एहतियात के तौर पर वन विभाग ने इलाके में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों से भी विशेष सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि रात के समय खेतों या गोशाला की ओर अकेले न जाएं और हमेशा समूह में ही निकलें।
