पीलीभीत का यह गुप्त कोना देता है 'केरल' जैसा अहसास, यहां से दिखता है नेपाल का खूबसूरत झूला पुल और हिमालय
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पास कलीनगर में शारदा सागर डैम और बंगाली बस्तियां केरल जैसा प्राकृतिक अनुभव देती हैं। यहां ...और पढ़ें

कलीनगर सीमावर्ती क्षेत्र में आकाश चूमते हिमालय पर्वतों का मनोहारी दृश्य।
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व सिर्फ बाघों की दहाड़ और घने जंगलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भारत-नेपाल सीमा से सटे कलीनगर तहसील क्षेत्र में कुदरत का एक अनूठा और शांत संसार बसता है।
शारदा सागर डैम की तलहटी में बसी बंगाली समुदाय की हरी-भरी बस्तियां दक्षिण भारत के केरल जैसा प्राकृतिक अनुभव कराती हैं। डैम से दिखता हरियाली का मनोरम दृश्य और शारदा नदी के कल-कल बहते जल की लहरें पर्यटकों का मन मोह लेती हैं।

इस सीमावर्ती इलाके का सबसे बड़ा आकर्षण महाकाली और जगबूड़ा नदी का संगम है। साफ मौसम में यहां से नेपाल की विशाल हिमालय पर्वत श्रृंखलाएं, शुक्लाफांटा सेंचुरी और लग्गा-बग्गा वन क्षेत्र साफ दिखाई देते हैं।
जगबूड़ा नदी पर बना नेपाल का ऐतिहासिक लोहे का 'झुलेना पुल' (झूला पुल) पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। कलीनगर के ऐतिहासिक बाइफरकेशन से शुरू होने वाला यह सफर पर्यटकों को शहर के शोर-शराबे से दूर सुकून और शांति देता है।
पीलीभीत आने वाले सैलानियों के लिए यह क्षेत्र जंगल सफारी से इतर एक ही स्थान पर डैम, नदी, सीमा के रोमांच और नेपाल के विहंगम दृश्यों का अनोखा संगम पेश करता है।
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