पीलीभीत जेल में डेंगू-मलेरिया के बाद अब चिकनपॉक्स का खौफ, 3 बंदी मेरठ रेफर; मचा हड़कंप
पीलीभीत जिला कारागार में तीन बंदियों में चिकनपॉक्स की पुष्टि हुई है, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए मेरठ रेफर ...और पढ़ें

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डेंगू-मलेरिया के बाद जेल में चिकन पाक्स की दस्तक, अन्य बंदियों की सैंपलिंग शुरू
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। संक्रामक बीमारियों का प्रकोप अब जिला कारागार तक पहुंच गया है। जेल में बंद तीन बंदियों में चिकन पाक्स की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। हालत बिगड़ने पर तीनों बंदियों को पहले जेल अस्पताल और जिला अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर उपचार की समुचित सुविधा उपलब्ध न होने पर उन्हें मेरठ रेफर किया गया।, जहां जांच में चिकन पाक्स की पुष्टि हुई।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला कारागार पहुंचकर पड़ताल शुरू कर दी है। संक्रमण की स्थिति का पता लगाने के लिए अन्य बंदियों के भी सैंपल लिए जा रहे हैं।
जिले में बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों का असर बढ़ा है। जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज की ओपीडी में बुखार, मलेरिया, टाइफाइड समेत अन्य रोगों के मरीज बढ़े हैं। अब तक जिले में डेंगू के आठ मरीज मिल चुके हैं।
बीसलपुर के रसिया खानपुर में भी बुखार से पीड़ित आठ मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं करीब 110 मलेरिया के मामले सामने आए हैं। अप्रैल से सितंबर तक कार्ड जांच में 2,267 मरीज मलेरिया पाजीटिव मिले हैं, जबकि टाइफाइड के करीब 9,378 मामले दर्ज किए गए हैं।
पूरनपुर में आठ वर्षीय बालक में स्वाइन फ्लू और बिलसंडा में सात वर्षीय बालक में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हो चुकी है। जिला कारागार में चार दिन पहले एक बंदी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।
उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बंदी को लगातार दौरे पड़ने की बात सामने आई थी। हालत गंभीर होने पर जेल प्रशासन ने उसे मेडिकल कालेज भेजा, जहां से स्थानीय स्तर पर उपचार संभव न होने पर मेरठ रेफर कर दिया।
मेरठ में हुई जांच में बंदी में चिकन पाक्स की पुष्टि हुई। इसके बाद जेल में दो अन्य बंदियों में भी चिकन पाक्स के लक्षण दिखाई दिए। जांच के बाद उन्हें भी उपचार के लिए मेरठ भेज दिया गया। जेल अधीक्षक राजेश पांडे ने तीन बंदियों में चिकन पाक्स मिलने की पुष्टि की है।
तीनों बंदी विचाराधीन हैं और कुछ दिन पहले ही न्यायालय में तारीख पर गए थे। वहीं तीन बंदियों में संक्रमण की पुष्टि होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को इसकी जानकारी नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।
मामला संज्ञान में आने के बाद विभाग की टीम जेल पहुंची और संक्रमण की स्थिति की जानकारी जुटाई। अन्य बंदियों की सैंपलिंग कराई जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि संक्रमण और कितने लोगों तक पहुंचा है। साथ ही संक्रमितों के संपर्क में आए बंदियों की निगरानी भी की जा रही है।
जिला कारागार में एक बंदी की हालत बिगड़ने पर उसे जेल अस्पताल से जिला अस्पताल भेजा था। हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ रेफर किया गया, जहां जांच में चिकन पाक्स की पुष्टि हुई है और उसका उपचार चल रहा है। अन्य दो बंदियों में पुष्टि की जानकारी नहीं है। जेल में सैंपलिंग कराई जाएगी।
- डाॅ. ज्ञान प्रकाश, एसीएमओ
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