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पीलीभीत में मिलावट का महाविस्फोट: 325 में से 220 फूड सैंपल फेल, 16 को जेल; दिवाली से पहले रहें सावधान!

Published: Fri, 16 Oct 2026 09:49 PM (IST)

पीलीभीत में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में 325 में से 220 खाद्य नमूने फेल पाए गए, जिसके बाद 16 ...और पढ़ें

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HighLights

  1. त्योहारों पर बढ़ेगी खपत, मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने चुनौती

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। त्योहारों की रौनक के बीच बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मिठाई, खोया, पनीर, घी और खाद्य तेल की मांग बढ़ने के साथ मिलावटखोरी की आशंका भी बढ़ जाती है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की पिछले साल की कार्रवाई के आंकड़े चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहे हैं।

जांच के लिए भेजे गए 325 नमूनों में 220 से अधिक मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके बावजूद मिलावट के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका है। अब दशहरा और दीपावली से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।

पिछले साल खाद्य सुरक्षा टीम ने जिले में 1,122 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इनमें 315 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान खाद्य पदार्थों के 325 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

रिपोर्ट में 220 से अधिक नमूने फेल पाए गए। जो अधिकांश दूध और दूध से बने उत्पाद शामिल है। इससे बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए।

जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध न्यायालयों में मुकदमे दर्ज कराए गए। कार्रवाई के तहत एडीएम न्यायालय में 226 और एसीजेएम कोर्ट में 22 मुकदमे दर्ज कराए गए।

पुराने मामलों में एडीएम कोर्ट ने 173 मुकदमों का निस्तारण करते हुए आरोपितों पर 98.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, एसीजेएम कोर्ट ने 11 मामलों में फैसला सुनाया।

इनमें 20.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ 16 लोगों को सजा भी सुनाई गई। कार्रवाई और जुर्माने के बावजूद मिलावट की शिकायतों पर प्रभावी नियंत्रण का सवाल बना हुआ है।

50 जागरूकता शिविर, पांच हजार लोगों तक पहुंचा विभाग

खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग जांच के साथ जागरूकता अभियान भी चला रहा है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके श्रीवास्तव के अनुसार, जिले में अब तक 50 जागरूकता शिविर लगाए जा चुके हैं।

इनके माध्यम से पांच हजार से अधिक लोगों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षित खानपान के प्रति जागरूक किया गया। विभाग ने मिड-डे मील, आईसीडीएस और पीडीएम से जुड़े खाद्य पदार्थों के भी 178 नमूने लिए हैं। इन अभियानों का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के साथ लोगों को मिलावट के प्रति सजग करना है।

छह माह में 569 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण

खाद्य सुरक्षा विभाग ने अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच जिले में 569 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान 120 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के 121 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। इनमें अधिकांश नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है।

जिन नमूनों की जांच में गड़बड़ी मिली है, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस अवधि में एडीएम न्यायालय में 20 और एसीजेएम कोर्ट में चार मुकदमे दर्ज कराए गए। विभाग की कार्रवाई के बावजूद त्योहारों में खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच गुणवत्ता की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

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