अफसरों की अनदेखी से भड़के किसान: ज्ञापन लेने कोई नहीं आया तो किया हाईवे जाम, समझाने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट को सड़क पर बैठाया
भाकियू टिकैत की मासिक बैठक के बाद अधिकारियों द्वारा ज्ञापन न लेने पर पीलीभीत में किसानों ने टनकपुर हाईवे जाम ...और पढ़ें

सिटी मजिस्ट्रेट को सड़क पर बैठा कर वार्ता करते किसान यूनियन के पदाधिकारी। जागरण
HighLights
मंडी समिति में हुई भाकियू टिकैत की मासिक समीक्षा बैठक
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैत की मासिक समीक्षा बैठक सोमवार को कृषि उत्पादन मंडी परिसर में हुई। बैठक में किसानों की जमीनी समस्याओं और संगठन की मजबूती पर चर्चा हुई। अध्यक्षता जिला अध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने की, जबकि प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरदार अजीत सिंह भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद जब किसानों का ज्ञापन लेने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने टनकपुर हाईवे पर बैठकर जाम लगा दिया। इससे करीब एक घंटे तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
जाम की सूचना पर सुनगढ़ी कोतवाली प्रभारी नरेश त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। खबर मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट प्यारेलाल मौर्य भी मौके पर पहुंचे।

किसानों ने उन्हें भी हाईवे पर ही बैठा लिया और हंगामा करने लगे। काफी देर तक मान-मनौव्वल चलती रही। बाद में मंडी सचिव प्रवीन अवस्थी भी पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान हटे और जाम खुलवाया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि किसान गंभीर संकट से गुजर रहा है। गन्ना भुगतान में देरी, धान खरीद में अनियमितता, आवारा पशुओं का आतंक, बिजली की बदहाल व्यवस्था और मंडियों में भ्रष्टाचार ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। जिला अध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने कहा कि तराई क्षेत्र में हर साल बाढ़ से सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद होती है, लेकिन उचित मुआवजा नहीं मिलता।
मंडी में तौल में गड़बड़ी और बिचौलियों के हस्तक्षेप से किसान परेशान हैं। शारदा सागर खंड द्वारा नहरों की सफाई न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा।
इस दौरान किसानों ने धान क्रय केंद्रों पर सीसीटीवी व टोकन व्यवस्था लागू करने, भूमि के अनुपात में डीएपी वितरण, अघोषित बिजली कटौती रोकने, गन्ना मूल्य बढ़ाने, बकाया भुगतान समेत कई मांगों का ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा।
