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पीलीभीत: बंदर के चिल्लाने पर पेड़ की तरफ दौड़े वकील, 30 फीट ऊपर 12 फीट का अजगर देख उड़े होश

Published: Mon, 21 Sep 2026 07:44 PM (IST)

पीलीभीत कलेक्ट्रेट परिसर में बंदरों के चिल्लाने से अधिवक्ताओं को एक विशालकाय अजगर के पेड़ पर होने की जानकारी मिली। ...और पढ़ें

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेड़ पर बैठा अजगर। जागरण

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेड़ पर बैठा अजगर। जागरण

HighLights

  1. बंदर की आवाज पर अधिवक्ताओं को लगी भनक, अजगर की सूचना पर जुटी सैकड़ों की भीड़

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। कलक्ट्रेट परिसर में सोमवार की सुबह एकाएक सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। ये भीड़ किसी फरियाद या प्रदर्शन के लिए नहीं बल्कि पेड़ पर चढ़े विशालकाय अजगर के लिए जुटी थी। अजगर की सूचना मिलने पर पहुंचे डिप्टी रेंजर शेर सिंह की अगुवाई में विभाग की टीम ने आधे घंटे की कड़ी मश्क्कत के बाद रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता, पुलिसकर्मी व राहगीर मौजूद रहे।

सोमवार सुबह करीब दस बजे कलक्ट्रेट परिसर स्थित संयुक्त बार की ओर से पुलिस लाइन को जाने वाली सड़क पर लगे पेड़ से बंदर के चिल्लाने की आवाज आने लगी। अधिवक्ताओं ने देखा तो एक अजगर ने बंदर के बच्चे का शिकार कर लिया था।

अधिवक्ताओं की ओर से पूरे मामले की जानकारी विभाग को दी गई। डिप्टी रेंजर शेर सिंह रेस्क्यू के लिए आवश्यक उपकरण लेकर टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। मगर, अजगर पेड़ पर करीब 30 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया था।

ऐसे में नगर पालिका परिषद से क्रेन बुलवाई गई, जिसके बाद करीब 11:45 बजे रेस्क्यू शुरु हो सका। टाइगर ट्रेकर जगन्नाथ व धर्मेंद्र ने क्रेन पर चढ़कर रेस्क्यू की कवायद शुरू की। लेकिन पेड़ की अधिक उंचाई के चलते टाइगर ट्रेकर जगन्नाथ तो पेड़ पर चढ़कर रेस्क्यू करना पड़ा।

करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को रेस्क्यू किया जा सका। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ गया। हर कोई अजगर की एक झलक पाने व उसकी तस्वीर कैद करने की कोशिश में जुटा हुआ था।

डिप्टी रेंजर शेर सिंह ने बताया कि रेस्क्यू किया गया अजगर करीब 12 फीट लंबा व 18 फीट वजनी था। जिसे सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के बाद स्वस्थ पाए जाने पर जंगल में पुनर्वास दिया गया है। लोगों से अपील है कि वन्यजीवों की मौजूदगी पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें।

अब तक सैकड़ों सांपों का रेस्क्यू कर चुके जगन्नाथ

वन एवं वन्यजीव प्रभाग में वर्ष 2020 पर बतौर टाइगर ट्रेकर जुडे जगन्नाथ अब शहर के कुशल स्नेक कैचर बन चुके हैं। सामान्य सांप हों या रसेल वाइपर जैसी जहरीली प्रजाती के सांप हों, जगन्नाख बेहद ही कुशलता के साथ उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लेते हैं।

सोमवार को किया गया रेस्क्यू कई मायनों में जटिल था। पेड़ की उंचाई के बीच अजगर की पेड़ पर मजबूत पकड़ पर काबू पाना काफी मुश्किल था। लेकिन कुछ मिनटों में जगन्नाथ ने हालात सामान्य कर दिए।

रेस्क्यू के बाद वहां मौजूद लोगों ने ताली बजाकर टीम का उत्साहवर्धन किया। जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अवस्थी ने वन विभाग की रेस्क्यू टीम का आभार व्यक्त किया।

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