नाई के खाते में आए ₹42 करोड़! बैंक को भनक तक नहीं लगी, ऐसे रच डाली ₹102 करोड़ की नेशनल साइबर ठगी
पीलीभीत में ऑनलाइन गेम के जरिए ₹102.54 करोड़ की राष्ट्रीय साइबर ठगी का खुलासा हुआ है, जिसमें एक नाई के ...और पढ़ें

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HighLights
सात बैंक खाते बैंक आफ बड़ौदा की टनकपुर रोड शाखा में थे खोले
सरगना विशाल ने दिल्ली और बरेली को बनाया साइबर ठगी का हब
पीयूष दुबे, पीलीभीत। आनलाइन गेम के जाल में फंसाकर 102.54 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपितों का गैंग छिटपुट नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर ठगी कर रहा था। महज कुछ महीनों में करोड़ों का खेल कर दिया। बार्बर शाप (नाई की दुकान) के नाम से खोले गए करंट अकाउंट में 42 करोड़ रुपये आए, लेकिन बैंक अफसरों और कर्मचारियों ने इसकी जानकारी जुटाने की जहमत नहीं उठाई। इसी तरह किराना की दुकान वाले के खाते में भी बड़ी रकम आई। इस पर ध्यान न देने की वजह से आरोपित लगातार फर्जीवाड़ा करते रहे।
लाखों जीतो और इंटरनेट मीडिया पर ऐसे विज्ञापन जारी कर मोहसिन और उसके गिरोह ने 14 राज्यों के दर्जनों लोगों से 102 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने मोहसिन व गिरोह के सदस्य नर्सिंग छात्र राहुल को गिरफ्तार कर लिया, फरमान व विशाल की तलाश की जा रही।
आरोपितों से आठ फर्जी आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, बैंकों की चेकबुक व पासबुक बरामद हुईं। इसमें मोहसिन ने बरेली निवासी विशाल मौर्य, फरमान के साथ मिलकर ठगी की योजना की योजना बनाई थी।
आरोपित विशाल ने बरेली और दिल्ली को हब बनाया था, जबकि आरोपितों ने गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, चेन्नई, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्रप्रदेश, बिहार के लोगों से ठगी की।
म्यूल एकाउंट वेरिफिकेशन करने और दानिश अंसारी के शिकायत करने पर पता चला कि कस्बा जहानाबाद निवासी सगे भाई मोबिन व मोहसिन ने वहां के कई गरीब लोगों के सरकारी योजना के खाते खुलवाए।
साथ ही उन लाेगों को 10 हजार रुपये इनाम देने का लालच देकर उनके बैंक खाते का एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड और सिम कार्ड ले लिए थे। दानिश ने साइबर अपराधों में पकड़े जाने पर उनके खातों में होल्ड लगा दिया था।
इसके बाद ही उन्होंने प्राथमिकी पंजीकृत कराई। जांच में यह भी पता चला कि बिलाल नाई का करंट अकाउंट और हारून का करंट अकाउंट बैंक आफ बड़ौदा की टनकपुर रोड स्थित पीलीभीत शाखा में खोले गए गए थे।
इसके अलावा अरबाज, जीशान, शहराब और मुस्तफा के बैंक खातों में भी बैंक आफ बड़ौदा पीलीभीत शाखा में ही खोला गया। इसके अलावा शोहिद और एक का बैंक खाता बैंक आफ बड़ौदा की डांग शाखा में खोला गया।
यही नहीं, राहुल के खुद के कैनरा बैंक में दो खाते हैं, जिसमें एक बचत खाता और दूसरा करंट अकाउंट है, जिनमें 17-17 शिकायतें साइबर पोर्टल पर दर्ज हैं। इससे उसका बैंक खाता सही संचालित नहीं हो रहा था।
पुलिस जांच में पता चला कि इसमें हारून के बैंक खाते पर पोर्टल पर साइबर क्राइम की 85 शिकायतें थीं, जिसमें 42.54 करोड़ रुपये आए थे। अरबाज के बैंक खाते में नौ शिकायतें, दानिश के खाते पर सात शिकायतें, मोहसिन के खाते पर 15 शिकायतें आई थीं, जिनमें 32 करोड़ रुपये आए थे। राहुल के खाते में 34 शिकायतों पर 28 करोड़ रुपये आए।
इस तरह कुल 102.54 करोड़ रुपये की धनराशि को निकाला भी गया। हैरान करने वाली बात यह है कि बैंक अफसरों ने किराना, नाई जैसे कार्य करने वालों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये आने के बावजूद ध्यान नहीं दिया। अब पुलिस विशाल को पकड़ने की दबिश दे रही है।
साथ ही बैंक से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है। एसपी सुकीर्ति माधव का कहना है कि अभी जांच की जा रही है, जिसमें सरगना के पकड़े जाने पर बड़ी धनराशि ठगी होने की संभावना है। यह भी जांच की जा रही है कि बैंक खाते खुलवाने में इनके मददगार कौन थे।
