पीलीभीत : तहसील परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला विधिक प्राधिकरण के वरिष्ठ लिपिक बल¨वदर ¨सह ने ग्रामीणों को विधिक सेवाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया विधिक सेवा केंद्र का अध्यक्ष जिला जज एवं सचिव सिविल जज होता है। विधिक सेवा केंद्र में सभी न्यायालय प्राधिकरण अधिकरणों आयोग के समक्ष विचाराधीन मामलों में विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जिसमें निश्शुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने वाले अनुसूचित एवं जनजाति के सदस्य अनैतिक अत्याचार के शिकार लोग महिलाएं एवं बच्चे मानसिक रोगी, विकलांग, औद्योगिक श्रमिक जैसे लोग मुफ्त सहायता प्राप्त कर सकते हैं। सभी लोगों को कानून की जानकारी रखनी चाहिए जिससे उसको अपराध का ज्ञान हो सके किस अपराध में कितनी सजा हो सकती है। समय-समय पर गांव में शिविर लगाकर जानकारी दी जाती है। वर्तमान में पति-पत्नी के मामले सबसे ज्यादा चल रहे हैं। थोड़ी सी बात पर आपस में अनबन होने पर पत्नी पति सहित पूरे परिवार पर मुकदमा दर्ज करा देती है। अब ऐसे मामलों की मुकदमों की अवधि तीन माह कर दी गई है। जिससे विधिक सेवा में काउंसलर द्वारा पति पत्नी के बीच आपसी सुलह समझौता करा दिया जाता है। पति पत्नी जीवन के दो पहिए हैं। गलतफहमी में भी परिवार टूटने के कगार पर पहुंच जाते हैं। जिनको केंद्र पर बुलाकर मतभेद दूर किये जाते हैं। लोक आदालत के बारे में चर्चा करते हुए बताया नौ मार्च को लोक अदालत दीवानी में लगाई जाएगी। जिसमें बीमा, बिजली बिल, ऋण व जिला पंचायत से संबंधित आदि मामले जाएंगे। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में तहसीलदार प्रभारी शेरबहादुर ¨सह, विधिक सेवन केन्द्र से शरद कांत, विपिन कुमार,

Posted By: Jagran

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