जागरण संवाददाता, पीलीभीत : स्वकर प्रणाली के अंतर्गत कारपेट एरिया की दरों के शासकीय गजट के प्रकाशन को लेकर नगर पालिका बोर्ड की बैठक में सभासदों ने जमकर हंगामा किया और प्रस्ताव पारित नहीं होने दिया।

गुरुवार को नगर पालिका परिषद कार्यालय के टाउनहाल में शुरू हुई बोर्ड की बैठक में मकानों और खाली पड़े भूखंडों पर कर को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का सभासदों ने एक स्वर से विरोध किया। सभासदों ने कहा कि पालिका जनता पर कर का बोझ बढ़ाना चाहती है। पालिका द्वारा प्रस्ताव में बताया गया जिस मार्ग की चौड़ाई 12 से 24 मीटर है, उन मार्गो पर बने पक्के मकानों के करों में वद्धि करते हुए 41 पैसे से बढ़ाकर 90 पैसा किया गया है। इसी प्रकार कच्चे मकानों पर कर 9 पैसा से बढ़ाकर 70 पैसा किया गया। खाली पड़े भूखंडों में 7 पैसा से बढ़ाकर 30 पैसा किया गया। प्रस्ताव देखकर सभासद भड़क गए। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से आम लोगों के बजट पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, इसमें संशोधन होना चाहिए। इस मुद्दे पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। इस कारण प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।

फिर उठा अफसर हसन खां का प्रकरण

पालिका ने बोर्ड की बैठक भले ही कर बढ़ोतरी को लेकर बुलाई थी लेकिन एक घंटे तक चली बैठक में आधे घंटे तक अफसर हसन खां का प्रकरण चलता रहा। 30 नवंबर को हुई बैठक के दौरान अफसर हसन खां को पालिका में प्रकाश अधीक्षक के पद पर तैनात किए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास भी हुआ हो गया था। इस दौरान ईओ निशा मिश्रा ने कहा था कि उनके पास एक शासनादेश है, जिसमें चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को तृतीय श्रेणी पर पदोन्नत नहीं किया जा सकता। सभासद इसी शासनादेश को ईओ से दिखाने की बात कहकर अड़ गए। इस पर आधा घंटे तक हंगामा होता रहा। जिसके बाद सभासदों ने बताया कि प्रोन्नति के लिए बोर्ड सारे अधिकार अध्यक्ष को देता है। इस मौके पर सभासद पुष्पा उपाध्याय, अशोक, प्रिस, देवी सिंह सभासद मौजूद रहे। अध्यक्षता नगर पालिका परिषद अध्यक्ष विमला जायसवाल ने की।

बैठक में उठी ये मांगें

सभासदों ने कहा कि दो माह बाद बैठक बुलाई गई है जबकि बैठक प्रति माह बुलाई जानी चाहिए। सभासदों ने कहा कि मुहल्लों में स्ट्रीट लाइटें खराब हैं और पालिका में खराब लाइटों की शिकायत करने पर भी ध्यान नहीं दिया जाता। वार्ड 25 और 18 के सभासदों ने कहा कि मुहल्ले में अलाव नहीं लगवाया जाता है। वार्ड 12 के सभासद ने बताया कि तीन माह से हैंडपंप खराब पड़ा है लेकिन शिकायत करने पर भी ध्यान नहीं दिया जाता।

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बोर्ड की बैठक में स्वकर प्रणाली के अंतर्गत कारपेट एरिया की दरों के शासकीय गजट के प्रकाशन को लेकर बुलाई गई थी,लेकिन सभासदों ने इसमें संशोधन की बात कही। जिसको लेकर यह प्रस्ताव पास नहीं हो पाया। बैठक में एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ है, जिसमें सरकार द्वारा बनवाए जाने वाले शौचालय के स्थान परिवर्तित किया जाना था।

- निशा मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद

Posted By: Jagran

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