पूरनपुर (पीलीभीत) : शारदा नदी रमनगरा में मार्जिनल बांध के पास में कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। अब तक मार्जिनल बांध का आधा हिस्सा नदी में समा चुका है। नदी का आक्रामक रुख देखकर रमनगरा क्षेत्र के लोगों में दहशत है कि मार्जिनल बांध कटने के बाद शारदा सागर जलाशय व वर्जित क्षेत्र में बसी आबादी को खतरा पैदा हो जाएगा। बचाव कार्य तो किए जा रहे हैं पर नदी के वेग के आगे यह सारे काम असफल साबित हो रहे हैं। इधर बाढ़ खंड के एक्सईएन व कलीनगर के तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर कटान देखा एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है एवं शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।

शारदा नदी की धारा कब किधर मुड़ जाए यह किसी को भी नहीं पता। बाढ़ खंड नदी को काबू में करने को काम तो कराता है पर नदी का रुख आज तक नहीं भांप पाया। यही कारण है कि नदी मनमर्जी से कटान करने लगती है। नदी ने सबसे पहले 20 नंबर स्पर को निशाने पर लिया और इसके बाद मार्जिनल बांध में कटान शुरू किया। ग्रामीणों का कहना है कि आधा बांध कट गया है। रात को नदी का रुख और आक्रामक होने से कटान तेज होने की बात कही जा रही है। प्रशासन की मानें तो बांध को करीब 20 से 25 फीसदी नुकसान हुआ है।

रमनगरा : रमनगरा गांव के सामने शारदा नदी द्वारा किसानों के कृषि योग्य भूमि फसल एवं सरकार द्वारा मिला इंदिरा आवास का कटान होने के साथ-साथ मार्जिनल बांध का कटान करते हुए तबाही शुरू कर दी है। नदी की धरा आबादी की ओर बढ़ने लगी है। बाढ़ खंड द्वारा शारदा नदी से होने वाले कटान से बचाव के लिए बचाव कार्य भी कराए जा रहे हैं लेकिन धार तेज गति से बहने के कारण बचाव कार्यों को कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं। इस समय शारदा नदी विकराल रूप धारण करते हुए तबाही मचा रही है। इस समय बाढ़ खंड द्वारा कटान को रोकने के लिए बांस से बनाए गए कैरेट में सीमेंट के कट्टे में रेता भरकर डाली जा रही है तथा धार को कम करने के लिए झाड़-झंखाड़ भी डाले जा रहे हैं लेकिन यह बचाव कार्य कटान रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शैलेश कुमार तथा तहसीलदार कलीनगर विजय त्रिवेदी ने कटान स्थल पर दौरा कर बचाव कार्यों को देखा तथा ठेकेदारों को दिशा निर्देश दिए। क्या है मार्जिनल बांध

शारदा नदी रमनगरा के उस पार बहती है इधर 22 किमी लंबा एवं करीब 5 किमी चौड़ा सबसे बड़ा कच्चा डैम शारदा सागर जलाशय है। नदी जलाशय की दीवारों में कटान न कर दे एवं डैम सुरक्षित रहे इसके चलते करीब डेढ़ दशक पहले मार्जिनल बांध का निर्माण शारदा एवं जलाशय के बीच में कराया गया था। नदी के वेग वाले क्षेत्र में 4 किमी लंबा एवं करीब साढ़े 4 मीटर चौड़ा बांध बना हुआ है। अब रमनगरा के सामने इसमें से करीब ढ़ाई मीटर चौड़ा एवं 25 मीटर लंबा बांध नदी में समा चुका है। डैम की दीवारें कटीं तो यहां की आबादी के साथ लखीमपुर खीरी आदि जिलों तक तबाही होना तय है। डीएम बोले फिलहाल खतरा नहीं मार्जिनल बांध के पास कुछ मिट्टी शारदा नदी में समा गई है। पूरा बांध नहीं कटा है। 20 नंबर स्पर भी काफी हद तक सुरक्षित है। बाढ़ खंड द्वारा भेजी गई रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। कोई खास खतरा फिलहाल नहीं है। आज एक्सईएन व तहसीलदार मौके पर गए थे। 100 से अधिक मजदूर लगाकर बचाव कार्य कराया गया। रात को जेनरेटर लगवाकर काम कराया जाएगा। स्थानीय निवासी मदद कर रहे हैं। विभाग एवं राजस्व के अधिकारी भी मौके पर कैंप किए हुए हैं। प्रशासन हर स्थिति से निपटने में सक्षम है।

डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र, जिलाधिकारी।

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