पीलीभीत,जेएनएन : बरेली रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआइजी) राजेश कुमार पांडेय ने पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के बार्डर पर स्थित पुलिस चौकियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मझोला के निकट उत्तराखंड के खटीमा चेकपोस्ट पर पहुंचकर इस बात की जानकारी ली कि उत्तराखंड-मझोला के बीच रोजाना ई-पास के माध्यम से कितने लोगों का आवागमन होता है।

डीआइजी कई दिन से जिले में कैंप किए हुए हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए होने जा रहे भूमि पूजन कार्यक्रम के मद्देनजर शासन की ओर से जिले के नोडल अधिकारी के तौर पर उनकी यहां ड्यूटी लगाई गई है। वह पांच अगस्त तक जिले में रहेंगे। यह जिला उत्तराखंड और नेपाल से सटा होने के कारण संवेदनशील माना जाता है। इससे पहले डीआइजी ने नेपाल सीमा के निकट रमनगरा क्षेत्र का दौरा कर वहां के ग्रामीणों ने संवाद किया था। रविवार को पूर्वाह्न वह मझोला पहुंचे। पुलिस चौकी का निरीक्षण किया। इसके बाद हाईवे पर उत्तराखंड की सीमा पर बने चेक पोस्ट पर पहुंचकर वहां तैनात कर्मियों से पूछा कि ई-पास के माध्यम से कितने लोग रोजाना उत्तराखंड में प्रवेश कर रहे, कितने लोग वहां से इधर आते हैं। पिछले कुछ दिनों के दौरान यह संख्या घटने-बढ़ने के बाबत भी जानकारी ली। इसके उपरांत डीआइजी उत्तराखंड बार्डर की दूसरी पुलिस चौकी बिरहैनी पहुंचे। यहां भी चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों चौकियों के प्रभारियों, न्यूरिया व अमरिया के इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड से इस ओर आने वाले सभी लोगों को कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन कड़ाई से कराया जाए। दोपहिया वाहन चलाने वाले लोग हेलमेट हर हालत में लगाएं। मास्क पहनना सभी के लिए अनिवार्य सुनिश्चित किया जाए। डीआइजी ने अमरिया व न्यूरिया के थाना प्रभारी निरीक्षकों को निर्देश दिए कि अराजकतत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही वांछित अभियुक्त की शत प्रतिशत गिरफ्तारी हो। निरीक्षण के दौरान एसपी जयप्रकाश, सीओ प्रमोद यादव भी साथ रहे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस