धनाराघाट पर 15 अक्टूबर तक नहीं बनेगा पांटून पुल, 2 लाख आबादी को लगाना पड़ेगा 130 किमी का फेर
धनाराघाट पर शारदा नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण 15 अक्टूबर तक पांटून पुल नहीं बन पाएगा। इससे हजारा ...और पढ़ें

शारदा नदी के धनाराघाट पर बना पांटून पुल। जागरण आकाईव
HighLights
एक से डेढ़ माह तक लोगों को करना पड़ सकता पांटून पुल का इंतजार
संवाद सहयोगी, पूरनपुर (पीलीभीत)। धनाराघाट पर इस बार भी शारदा नदी का जलस्तर अधिक होने से तय समय पर 15 अक्टूबर तक पांटून पुल (पीपों का पुल) नहीं बन सकेगा। इससे हजारा क्षेत्र की दो लाख की आबादी को को आवागमन में जल्द राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्हें 130 किमी. लंबी दूरी का फेर काटकर तहसील मुख्यालय पहुंचना पड़ेगा।
नेपाल बार्डर के सीमावर्ती हजारा क्षेत्र की 17 ग्राम पंचायतों में निवास करने वाली दो लाख की आबादी को तहसील मुख्यालय से जोड़ने के लिए शारदा नदी के धनाराघाट पर पांटून पुल बनाया जाता है।
पुल बनाने की तिथि 15 अक्टूबर निहित है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से पांटून पुल कभी समय से नहीं बन पाता। दिसम्बर या जनवरी में तैयार होता है। 15 जून को बरसात से पहले हटा दिया जाता है।
इससे चार माह की जगह हजारा क्षेत्र के लोगों का छह माह तक तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा रहता है। पुल हटने से वहां के वाशिंदों को संपूर्णानगर, पलिया, भीरा, मैलानी खुटार होते हुए लखीमपुर खीरी और शाहजहांपुर दो जिलों का 130 किमी. का लंबा फेर काटकर पहुंचना पड़ता है।
इससे उनका आर्थिक शोषण होने के साथ समय भी बर्वाद होता है। पांटून पुल बनने से यह दूरी मात्र 30 किमी. की रह जाती है। लेकिन हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पांटून पुल 15 अक्टूबर तक नहीं बन पाएगा। पुल बनने के लिए जनता को एक से डेढ़ माह का लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
स्वीकृति को भेजा प्रस्ताव, चल सकती है नाव
धनाराघाट पर पांटून पुल बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग की तरफ से प्रस्ताव बनाकर राज्य मुख्यालय को अप्रैल में भेजा गया था। हालांकि अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली। मिलने पर पांटून पुल बनाने और नदी में नाव चलाने का कार्य हो सकता है। इसी सप्ताह मिलने की उम्मीद है।
साढ़े तीन सौ मीटर चौड़ी धारा में बह रहा पानी
शारदा नदी की करीब 350 मीटर चौड़ी धारा में पानी बह रहा है। बहाव में काफी तेजी है। हजारा तरफ भी नदी का पानी एक नाले के रूप में तीन फीट तक बह रहा है। इसके चलते धनाराघाट पर पांटून पुल बन पाना और नाव का संचालन हो पाना अभी मुश्किल है।
पांटून पुल से ये गांववाले करते आवागमन
ट्रांस शारदा क्षेत्र के नेपाल सीमावर्ती गांव सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, टिल्ला नंबर चार, राघवपुरी, बाजारघाट, वमनपुरी भगीरथ, कुठिया गुंदिया, भुरजनियां, रामनगर, हजारा, शास्त्रीनगर, शांतिनगर, आजादनगर, श्रीनगर, नहरोसा, राणाप्रतापनगर, अशोकनगर, विजयनगर, नेहररूनगर, कबीरगंज, अखंड फार्म, जनता फार्म आदि गांवों के ग्रामीण आवागमन करते हैं।
पक्का पुल का 60 फीसदी तक हो चुका निर्माण
शारदा नदी पर बन रहे सवा तीन किमी. लंबे पक्के पुल का करीब 60 फीसदी निर्माण हो चुका है। कार्यदायी संस्था ने पिछले माह कार्य शुरू करने की तैयारी की लेकिन अचानक तीन दिन हुई बरसात ने फिर विघ्न डाल दिया। इससे कार्य रूक गया। अधिकारी तय समय से एक वर्ष पहले ही निर्माण पूरा करने की बात कह रहे हैं।
शारदा नदी के धनाराघाट पर पांटून पुल बनाने के लिए प्रस्ताव राज्य मुख्यालय भेज दिया गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही कार्य और नाव का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। अभी नदी में पानी अधिक है। बहाव भी तेज है।
- अनूप कुमार, अवर अभियंता, पीडब्ल्यूडी पीलीभीत
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