पीलीभीत,जेएनएन : शारदा नदी में घट बढ़ रहे पानी से राहुलनगर के बाशिदे चितित हैं। हालांकि अभी कटान शुरू नहीं हुआ है लेकिन फिर भी उनकी धड़कनें तेज हो गई है। हाल ही में अभियंताओं की टीम ने वहां पहुंचकर जल्द ही बचाव कार्य कराने का आश्वासन दिया था,लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सके हैं जबकि प्री मानसून आ चुका है।

पिछले दो सालों से शारदा नदी राहुलनगर में कटान कर रही है। कई एकड़ जमीन नदी में समा चुकी है। घरों के किनारे पर शारदा का पानी चल रहा है। कई घर भी शारदा के इस बार निशाने पर हैं। बाशिदे पिछले लंबे समय से बाढ़ बचाव कार्य कराने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों से भी मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक बचाव कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। पिछले वर्ष यहां के लोगों ने करीब दो माह तक अनशन किया था। अधिकारियों के आश्वासन के बाद अनशन को समाप्त किया गया था। लेकिन इसके बाद भी बचाव कार्य नहीं हुए। अब बरसात का समय शुरू हो चुका है। अगर समय रहते बचाव कर नहीं किए गए तो राहुलनगर को खतरा तैयार हो जाएगा। कुछ दिन पहले अभियंताओं की टीम गांव में पहुंची थी। बचाव कार्य का आश्वासन भी दिया गया था लेकिन अभी कोई बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे ग्रामीण चितित और परेशान नजर आ रहे हैं। फोटो 14 पीएनपीआर 2

पिछले वर्ष ग्रामीणों ने करीब दो माह तक अनशन किया था। उस समय अधिकारियों ने दिसंबर तक कार्य पूरे कराने के आश्वासन दिए थे लेकिन इसके बाद किसी ने भी कोई सुध नहीं ली।

देवाशीष राय

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नदी दो सालों से क्षेत्र में जमकर कटान करती है। कई लोगों की कृषि योग्य भूमि और घर नदी में समा चुके हैं। समय से बचाव कार्य नहीं हुआ तो फिर भारी तबाही होगी

नगीना

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यहां बरसात के समय ही कार्य होता है। नदी में बाढ़ आने के बाद यह कार्य बेकार साबित हो जाते हैं। अधिकारियों को समय रहते कार्य कराने चाहिए जिससे कटान रूक सके।

प्रहलाद वर्जन

राहुलनगर में बचाव कार्य कराने के लिए कार्य योजना बना ली गई है। उच्चाधिकारियों की तरफ से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे उसी हिसाब से कार्य कराए जाएंगे। दो तीन दिन में बचाव कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।

-शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड

Edited By: Jagran