अमरिया (पीलीभीत) : मृतक मोनिस का परिवार खुश है। जिस शख्स ने उसे निर्ममता से मार डाला था, उसे अदालत ने फांसी की सजा दी है। मृतक मोनिस की मां का कहना है कि उसे इंसाफ मिल गया है। फांसी से कम सजा तो होनी ही नहीं चाहिए थी। अदालत में मंगलवार को अभियुक्त को सजा सुनाए जाने के दौरान मृतक के दो बड़े भाई और चाचा वहां मौजूद रहे। न्यायाधीश ने सजा सुनाई तो दोनों भाइयों के चेहरों में राहत के भाव दिखे। अदालत से बाहर निकलते ही दोनों ने सबसे पहले मां को इस सजा के बारे में जानकारी दी।

अब से चौदह माह पूर्व हुए मोनिस हत्याकांड का कोर्ट द्वारा अभियुक्त नजीम मियां को फांसी की सजा सुनाने पर मृतक मोनिस की मां बेबी ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। दिल को सुकून मिला। मेरा सबसे छोटा बेटा था। सभी लोगों को उससे बहुत मुहब्बत थी। बेटे का जिक्र करते ही आंखों में आसूं छलक पड़े। बहन व भाई उदास हो गए। मृतक मोनिस के चाचा मोईन जो मुकदमे की पैरवी कर रहे थे, उन्होंने कहा कि हमें कानून पर पूरा विश्वास था। यह न्याय की जीत है। कातिल ने हैवानियत की हद कर दी। ऐसे कातिल को फांसी की सजा जरूरी थी, जिससे दोबारा ऐसी कोई घटना किसी के बच्चे के साथ न घट सके। मालूम हो कि कस्बा में 21 फरवरी 2017 को दिन के 12 बजे मोहम्मद नईम के 6 वर्षीय पुत्र मोनिस को पड़ोस के ही रहने वाले नजीम मियां ने घर के पास खाली पड़े घर में चीज देने के बहाने ले जाकर बुरी तरह टुकड़े कर के मौत के घाट उतार दिया था। मौके पर ही पुलिस ने कातिल नजीम मियां को गिरफ्तार कर लिया था। अजीम, वसीम, शीवा, शाहिद, अलीम, शिफा, मोहसिन को अपने मासूम भाई मोनिस की यादें ही रह गई हैं। परिवार के पास उसका कोई फोटो तक नहीं है। मृतक के पिता नईम की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मजदूरी कर बच्चों का पालन पोषण करता है। बंद पड़ा है कातिल का घर

घटना के बाद से ही कातिल नजीम मियां के परिवार के लोग घर छोड़कर चले गए थे, जो अभी तक नही लौटे हैं। उसका घर तभी से बंद पड़ा है। कातिल को फांसी की सजा होने से कस्बे के लोगों मे भी खुशी देखने को मिली। घटना वाले दिन सैकड़ों लोगों ने थाने पर इकट्ठा होकर कातिल को फांसी की सजा देने की मांग की थी।

Posted By: Jagran

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