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करोड़पति चपरासी बर्खास्त: 55 करोड़ के वेतन घोटाले में घिरे इल्हाम पर गाज, 200 करोड़ की संपत्ति रडार पर

Published: Thu, 13 Aug 2026 08:04 PM (GMT+05:30)

जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम उर रहमान शम्सी को 55 करोड़ रुपये के वेतन घोटाले में ...और पढ़ें

बर्खास्त कर्मचारी इल्हाम शम्सी का फाइल फोटो

बर्खास्त कर्मचारी इल्हाम शम्सी का फाइल फोटो

HighLights

  1. स्कूल प्रबंधन की बैठक में लिया गया फैसला, डीआइओएस को भेजा गया पत्र

संवाद सहयोगी, बीसलपुर (पीलीभीत)। डीआइओएस कार्यालय से जुड़े करोड़ों रुपये के वेतन घोटाले में फंसे नगर के जनता टेक्निकल इंटर कालेज में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम उर रहमान शम्सी की सेवाएं प्रबंध समिति ने समाप्त कर दी हैं। गुरुवार को विद्यालय में हुई बैठक में आरोपित कर्मचारी को बर्खास्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

इसकी प्रति जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को भेज दी गई है। शासन स्तर से भी मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है। उप शिक्षा निदेशक बरेली मंडल रामाज्ञा कुमार को सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।

इल्हाम डीआइओएस कार्यालय में ड्यूटी के दौरान वेतन टोकन जारी करने की आड़ में सरकारी धन का गबन करता रहा। दिसंबर 2025 में उसकी पत्नी अर्शी के बैंक खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक रकम जमा होने की सूचना पर बैंक ने खाता फ्रीज किया था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच शुरू हुई।

जांच रिपोर्ट के आधार पर 13 फरवरी को तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार ने इल्हाम और उसकी पत्नी के खिलाफ कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराई थी। तभी से पुलिस विवेचना कर रही है। प्रबंध समिति ने पहले आरोप पत्र जारी कर जवाब मांगा था।

दूसरी बार नोटिस पर इल्हाम ने कहा कि उसकी ड्यूटी सिर्फ फाइलें सुरक्षित रखने की थी, उसने कंप्यूटर से ट्रांजेक्शन नहीं किया। घोटाले के आरोप बेबुनियाद हैं, लेकिन पत्नी व रिश्तेदारों के खातों में रकम भेजे जाने के सवाल पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। प्रबंध समिति इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुई।

बर्खास्तगी से पहले अंतिम अवसर का नोटिस भेजा था, जिसकी समय सीमा 31 जुलाई को समाप्त हो गई। जवाब न आने पर विधिक राय लेकर बैठक बुलाई और बर्खास्तगी का प्रस्ताव पास हुआ। बैठक में प्रबंधक अमरेश सक्सेना, अध्यक्ष अरविंद सक्सेना, उप प्रबंधक नीरज सिन्हा और अन्य सदस्य मौजूद रहे।

प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना ने बताया कि निर्णय की सूचना डीआईओएस कार्यालय को भेजी जा चुकी है। वहीं बताया जा रहा है कि बर्खास्तगी की भनक लगते ही इल्हाम ने कार्रवाई के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय जाने की तैयारी शुरू कर दी है, क्योंकि अभी उसे बर्खास्तगी का लिखित आदेश नहीं मिला है।

अंतिम चरण में पुलिस की विवेचना, अन्य रडार पर

उधर पुलिस की विवेचना अंतिम चरण में है। मंगलवार को एसपी सुकीर्ति माधव ने डीआइओएस कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी इंद्रेश कुमार को तलब कर वित्तीय लेनदेन को लेकर पूछताछ की। एसपी ने कहा कि पूछताछ में मिली जानकारी को विवेचना में शामिल किया जा रहा है।

पुलिस पहले ही इल्हाम की तीन पत्नियों समेत कई महिला रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया कि गबन की रकम से पीलीभीत के अलावा बरेली, संभल, चंदौसी, गाजियाबाद और अन्य जिलों में जमीन, मकान और प्लाट खरीदे गए।

अब तक 55 करोड़ के घोटाले से जुड़ी करीब दो सौ करोड़ की संदिग्ध संपत्तियां चिह्नित की जा चुकी हैं। कोर्ट के आदेश के बाद इन्हें कुर्क और जब्त किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपित के पूरे वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बैंक खातों, रजिस्ट्री और प्रापर्टी दस्तावेजों की जांच चल रही है।

आठ वर्ष तक करता रहा बाबूगिरी

बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कालेज में चपरासी पद पर नियुक्त इल्हाम उर्रहमान शम्सी जिम्मेदारों की शह पर आठ वर्ष से अधिक समय तक डीआइओएस कार्यालय में बाबूगिरी करता रहा।

इसी दौरान उसने वेतन संबंधी फाइलों तक पहुंच बनाई और कथित रूप से ट्रांजेक्शन में हेरफेर शुरू किया। लंबे समय तक कार्यालय में उसकी अनधिकृत मौजूदगी पर किसी ने सवाल नहीं उठाया जिससे घोटाला बढ़ता चला गया।

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