विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'गहने बेचे, जमीन बेची, ₹6 लाख रिश्वत दी फिर भी...', यूपी के बीसलपुर में बर्खास्त कर्मचारी ने की खुदकुशी, 6 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद

Published: Mon, 13 Jul 2026 09:20 PM (IST)

बीसलपुर में टैक्स घोटाले में बर्खास्त एक कर्मचारी ने लाखों की देनदारी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने ...और पढ़ें

मृतक कर्मचारी के रोते परिजन और मृतक उपेंद्र शंखधार का फाइल फोटो

मृतक कर्मचारी के रोते परिजन और मृतक उपेंद्र शंखधार का फाइल फोटो

HighLights

  1. सुसाइड नोट में अधिशासी अधिकारी बीसलपुर को बताया आरोपित

संवाद सहयोगी, बीसलपुर (पीलीभीत)। नगर पालिका परिषद के टैक्स घोटाले में बर्खास्त किए गए कर्मचारी ने लाखों की देनदारी से परेशान होकर सोमवार को अपने आवास में फंदे पर लटककर जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक ने पुलिस के लिए मुकदमा दर्ज करने को सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें अधिशासी अधिकारी को आत्महत्या करने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत करने का आग्रह किया है।

मुहल्ला दुर्गा प्रसाद निवासी उपेंद्र शंखधार ने सोमवार को शाम 5:30 बजे कमरे में रस्सी से छत के कुंड में फंदा लगा लिया। उस समय उनकी पत्नी गुड्डी देवी कमरे के बाहर घरेलू कार्य कर रही थी। उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला तो पति को फांसी के फंदे पर झूलता हुआ देखा। मृतक ने पास में एक छह पेज का सुसाइड नोट छोड़ा था।

इसमें नगर पालिका टैक्स घोटाले में पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। टैक्स घोटाले में हिस्सा देने की बात कही। सुसाइड के आखिरी पेज पर मृतक ने सुसाइड नोट में पालिका के एक अधिकारी को रिश्वत के तौर पर 6.19 लाख रुपये जमीन व पत्नी के गहने बेचकर दिए। इसके बाद भी उसे जेल भेज दिए जाने का आरोप लगाया।

अधिशासी अधिकारी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाने की मांग की। पुलिस ने छह पेज का सुसाइड नोट मृतक के स्वजन से कब्जे में ले लिया। प्रभारी निरीक्षक संजीव शुक्ला ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। अलग से तहरीर मिलने पर मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा। अधिशासी अधिकारी ने मृतक की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।

सितंबर में दर्ज हुआ था टैक्स घोटाले का मुकदमा

बीसलपुर नगर पालिका कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत उपेंद्र शंखधार, जितेंद्र व रामनिवास और दो तत्कालीन अधिकारियों पर सितंबर 2025 में पालिका के अधिशासी अधिकारी शमशेर सिंह ने टैक्स घोटाले का मुकदमा पंजीकृत कराया था।

इसमें गृह कर व जलकर की टैक्स वसूली में 30 लाख से अधिक की धनराशि गबन किए जाने का आरोप लगाया था। इस मामले में सितंबर में ही मृतक उपेंद्र व उसके साथी कर्मचारी को जेल भेजा था। उपेंद्र, रामनिवास व जितेंद्र की सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया था।

लाखों की देनदारी बनी आत्महत्या का कारण

मृतक उपेंद्र की पत्नी गुड्डी देवी ने बताया कि पति पर लोगों की लाखों की देनदारी हो गई थी। अपनी धनराशि लेने के लिए लोग सुबह-शाम पति से तगादा करते थे। पालिका प्रशासन की ओर से कर्जदार बनाकर पति से लाखों की धनराशि जमा करवाई थी। इससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।

यह भी पढ़ें- साइबर ठगी के पैसों का लेनदेन पड़ा भारी, पीलीभीत में HDFC और बंधन बैंक के खाताधारकों पर मुकदमा

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।