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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

टाइगर रिजर्व के जंगल में 'बेत' की बहार

By JagranEdited By:
Published: Thu, 23 Nov 2017 11:08 PM (GMT+05:30)

पीलीभीत : बुढ़ापे के सहारा के रूप में बेत से बनी छड़ी हर घर में मौजूद होती है। इस छड़

टाइगर रिजर्व के जंगल में 'बेत' की बहार
टाइगर रिजर्व के जंगल में 'बेत' की बहार

पीलीभीत : बुढ़ापे के सहारा के रूप में बेत से बनी छड़ी हर घर में मौजूद होती है। इस छड़ी से बुजुर्ग व्यक्ति आसानी से चल फिर सकते हैं। बेत से आकर्षक फर्नीचर भी बनाए जाते हैं, जो ड्राइंग रूम की शोभा बढ़ाते हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में बेत पौध की बहार है। शाल के पेड़ों के साथ रीजनरेशन के रूप में बेत बेहतर रूप से उग रही है, जिसे टूरिस्ट देखकर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। बेत की पौध को संरक्षण करने की आवश्यकता है।

तराई क्षेत्र में पानी की बहुलता है। इस वजह से जंगल भी काफी समृद्धशाली है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल पांच रेंजों में 71288 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जिसमें मुख्यत: शाल, सागौन, शीशम के पेड़ मौजूद हैं। माला रेंज के एक कंपार्टमेंट में चीड़ के पेड़ भी हैं। टाइगर रिजर्व के महोफ, बराही समेत अन्य रेंजों में साल पेड़ के साथ बेत पौध रीजनरेशन के रूप में उग आई है, जो वेशकीमती वन संपदा के रूप में है। मुस्तफाबाद से चूकाबीच तक जाने पर रोड के दोनों ओर बेत की पौध ही पौध नजर आएगी, जो दो से पांच फिट तक ऊंचाई में है। लालपुल चूकाबीच बैरियर के सामने काफी संख्या में बेत की पौध उगी हुई है, जो देखते की आकर्षक लगते हैं। बेत की पौध को संरक्षित करने की आवश्यकता है। बेत के पौध को काफी कम लोग ही पहचान पाएंगे। बेत की लकड़ी की आकर्षक ढंग से फर्नीचर बनाए जाते हैं, जिसमें टेबिल, कुर्सी, सोफा, स्टूल, शू केस, बुक शेल्फ आदि शामिल है। बेत से बने फर्नीचर का वजन कम होने के कारण कहीं पर ले जाने और रखने में आसानी होती है। टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश का कहना है कि जंगल में साल के साथ कई प्रकार के पौधे उग जाते हैं। बेत की पौध भी उगी हुई है। गश्त के दौरान पौधों की मॉनीट¨रग की जाती है।

बरेली में बेत के मिलते हैं फर्नीचर

मंडल मुख्यालय बरेली में बेत से बनी कुर्सी, मेज समेत कई प्रकार के फर्नीचर बहुतायत में बनते हैं, जो विभिन्न शहरों तक जाते हैं। बेत से बने सोफा की कीमत चार हजार से लेकर 18000 रुपये तक है। बढ़ते तापमान का बेत के फर्नीचर पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ता है। बैठने में आरामदायक होता है। बेत के फर्नीचर से घर के लुक में बदलाव आ जाता है।

क्या है बेत की लकड़ी

बेत एक प्रकार की लंबी झाड़ी है। बेत के तने बहुत मजबूत और लचीले होते हैं। किसी भी रुख में मोड़ा जा सकता है। बेत से फर्नीचर, टोकरी, छड़ियां, कलात्मक वस्तुएं बनाई जाती हैं, जिनकी बाजार में बहुत ही मांग है। पतला बेत को आसानी से आकार दिया जा सकता है।