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दैनिक जागरण की खबर का असर: बरेली-सितारगंज हाईवे होगा गड्ढामुक्त, राहगीरों को मिलेगी राहत

Published: Thu, 22 Oct 2026 12:32 PM (IST)

दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद बरेली-सितारगंज हाईवे पर गड्ढे भरने का काम शुरू हो गया है।

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HighLights

  1. दैनिक जागरण की खबर के बाद हाईवे मरम्मत शुरू।

  2. एनएचएआई ने एक सप्ताह में गड्ढे भरने का दावा किया।

  3. पीलीभीत-उत्तराखंड मार्ग पर राहगीरों को मिलेगी राहत।

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत को उत्तराखंड से जोड़ने वाले बरेली-सितारगंज हाईवे के गड्ढों की खबर को जागरण में प्रकाशित करने के बाद उनको भरने का काम शुरू हो गया। नेशनल हाईवे अथारिटी के अधिकारियों ने एक सप्ताह के अंदर हाईवे को गड्ढामुक्त करने का दावा किया है, जिस पर काम तेजी के साथ कराया जा रहा है। इससे राहगीरों को काफी हद तक राहत मिल जाएगी।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे (एनएच-30) को वर्ष 2012-13 में सिंगल लेन से टू-लेन किया गया था, लेकिन अब इसकी हालत बदतर हो चुकी है। एनएच-30 के गहरे गड्ढों की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। मार्ग की बदहाली राहगीरों के लिए खतरा बन गई है।

दैनिक जागरण की खबर का असर

रविवार को जहानाबाद के पास सितारगंज हाईवे पर अप्सरा नदी पुल के गहरे गड्ढे में बाइक का पहिया फंसने से एक महिला की मृत्यु हो गई। इसके बाद दैनिक जागरण ने 'गड्ढे नहीं भरवा रहा एनएचएआई, बदहाल सड़क ने ले ली एक और जान' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें शहर के जेएमबी तिराहे से लालपुर चौराहे तक सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढों के बारे में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

लालपुर से जहानाबाद की ओर अप्सरा नदी पुल पर करीब एक फुट गहरे गड्ढे थे। यही नहीं, जहानाबाद से अमरिया रोड तक करीब 10 किलोमीटर के हिस्से में सैकड़ों गड्ढे हैं। टोल देने के बावजूद राहगीरों को सुगम सफर नहीं मिल पा रहा था। समय रहते मरम्मत नहीं होने से वहां बड़े हादसों का खतरा हो गया था। जागरण के मुद्दा उठाने के बाद ही

फ्लाईओवर के पास गड्ढा दे रहा हादसों को न्योता

बरेली हाईवे की बदहाली का आलम यह है कि यहां जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। बालपुर के समीप जहानाबाद की ओर जाने वाले फ्लाईओवर के आसपास सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सबसे अधिक परेशानी वाहनों के मुड़ने वाले स्थानों पर है, जहां बड़े गड्ढों के कारण अक्सर वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। इससे यहां हर समय हादसों का खतरा मंडराता रहता है।

बरेली सितारगंज हाईवे पर हुए गड्ढों को भरने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। एक सप्ताह के अंदर हाईवे को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। यह काम पहले ही पूरा हो जाता, लेकिन साइक्लोन की वजह से गड्ढों को भरवाने का काम बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

-अभय भूषण, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

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