YEIDA Master Plan 2041: 41% जमीन अधिग्रहित, अब 20000 किसानों को 7% आबादी भूखंड देने की चुनौती
यमुना प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2041 के लिए 41% जमीन अधिग्रहित कर ली है, लेकिन 20 हजार किसानों को 7% ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
यमुना प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2041 के लिए 41% जमीन ली।
20 हजार किसानों को 7% आबादी भूखंड देना बड़ी चुनौती।
केवल 4,500 किसानों को ही आवंटन पत्र मिल पाए हैं।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2041 मेंं नियोजित सेक्टरों की करीब 41 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण या सहमति से क्रय कर चुका है। इससे प्रभावित किसानों को सात प्रतिशत आबादी भूखंड का आवंटन प्राधिकरण के लिए सबसे बड़ी चुनाैती है।
जैसे-जैसे जमीन क्रय का काम आगे बढ़ रहा है, आबादी भूखंड के पात्र किसानों की संख्या भी बढ़ ही है। प्राधिकरण को तकरीबन बीस हजार किसानों को सात प्रतिशत आबादी भूखंड देना है, लेकिन अभी तक साढ़े चार हजार किसानों को ही आवंटन पत्र जारी हो पाए हैं।
यमुना प्राधिकरण के फेज एक में 75 हजार हे. जमीन अधिसूचित है। मास्टर प्लान 2041 के तहत प्राधिकरण ने इसमें से 38 हजार हे. पर ही शहर के विकास का खाका तैयार किया है।
20 हजार किसानों को देने हैं आबादी भूखंड
लेकिन अभी प्राधिकरण ने 15820 हे. जमीन किसानों से अधिग्रहण या सहमति लेकर बैनामे से क्रय की है। इसमें से 4920 हे. जमीन सहमति से क्रय की गई है। प्राधिकरण को इस जमीन के एवज में 20 हजार किसानों को आबादी भूखंड देने हैं।
इसके लिए किसान वर्षाें से इंतजार कर रहे हैं। किसान संगठनोंं के दबाव के बाद प्राधिकरण ने 12 हजार किसानों को आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र भी जारी किया है, जबकि साढ़े चार हजार को ही आवंटन जारी हो सके हैं।
प्राधिकरण किसानों की पात्रता तय करने के बाद उन्हें विकसित भूखंड के लिए आरक्षण पत्र जारी करता है। भूखंड का नियोजन एवं विकास होने के बाद आवंटन पत्र और कब्जा दिया जाता है।
जिन किसानों को आरक्षण पत्र जारी हो चुका हैं। उन्हें भूखंड के लिए दस गांवों में इनका नियोजन किया जा रहा है। प्राधिकरण के नियमानुसार किसान को उसी गांव में सात प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाता है, जिस गांव की जमीन ली गई है।
भूखंड के लिए जमीन उपलब्ध न होने पर निकटवर्ती गांव में भूखंड देने का प्रविधान है। हालांकि प्राधिकरण ने विकसित भूखंड के नियोजन में आने वाली अड़चन को दूर करने के लिए बोर्ड के जरिये सेक्टर में भी भूखंड देने पर स्वीकृति ले ली थी।
यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि सात प्रतिशत विकसित भूखंड के लिए किसानों की सूची गांववार लगातार प्रकाशित की जा रही है। जिन किसानों को आरक्षण पत्र पूर्व में जारी हो चुका है, उनके भूखंडों के नियोजन की प्रक्रिया चल रही है।
प्रभावित किसानों को सेक्टर 25 में मिल चुके भूखंड
प्राधिकरण क्षेत्र में जेपी समूह के लिए हुए जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को सेक्टर 25 में आबादी भूखंडों का आवंटन पहले ही हो चुका है। प्राधिकरण ने आबादी भूखंडों के लंबित प्रकरण एवं किसानों के बढ़ते दबाव को देखते हुए तय किया है बैनामे के साथ ही उन्हें आरक्षण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
नियोजन होने के बाद आवंटन पत्र व कब्जे की प्रक्रिया पूरी होगी। भुन्नतगा के 485 किसानोंं के आबादी भूखंड की सूची जारी की गई है।
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