ग्रेटर नोएडा बस हादसा: ट्रैवल एजेंसी ने रात में ही कैंसिल किए यात्रियों के टिकट, मुआवजा देने से बचने का अंदेशा
यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने के बाद राज कल्पना ट्रैवल्स ने यात्रियों के टिकट रद्द कर दिए। आरोप ...और पढ़ें

HighLights
यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड के बाद राज कल्पना ट्रैवल्स ने टिकट रद्द किए।
एजेंसी पर मृतकों के परिजनों को मुआवजा न देने का आरोप।
पीड़ितों को कोर्ट में दावा करने से रोकने की कोशिश की जा रही।
आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में आग लगने के दो घंटे बाद ही ट्रैवल्स एजेंसी की ओर से बस में सफर कर रहे यात्रियों की टिकट कैंसिल करना शुरू कर दिया गया। इसके पीछे आशंका जताई जा रही है की एजेंसी यात्रियों को मुआवजा देने से बचने की कोशिश कर रही है।
घटना में जिन यात्रियों की मौत हुई है, उनके टिकट कैंसिल कर दस्तावेज से रिकार्ड खत्म करने की कोशिश की गई, जिससे पीड़ित स्वजन कोर्ट में मुआवजे के लिए दावा न कर पाएं।हिसार निवासी मृतक देवेंद्र के बेटे सर्वोदय ने आरोप लगाया कि वह माता-पिता के बस की लोकेशन को लगातार देख रहा था।
रात करीब 11:30 बजे अचानक बस की लोकेशन और संपर्क टूट गया। उसने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उसके मन में अनहोनी की आशंका हो गई। देर रात सवा 12 बजे राज कल्पना ट्रैवल्स की तरफ से टिकट कैंसिल करने के बाद रातभर बेचैनी बढ़ती रही।
सुबह ट्रैवल एजेंसी से बात की तो उन्होंने घटना की सच्चाई बताने के जगह गुमराह करना शुरू कर दिया। जेवर पहुंचकर घटनास्थल पर पहुंचे तो जली बस देखकर कांप उठे। इधर, एक ट्रैवल्स एजेंसी के संचालक ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि घटना के बाद टिकट कैंसिल करने का मुख्य उद्देश्य मृतक यात्रियों के स्वजन को मुआवजा नहीं देना है, क्योंकि जब स्वजन कोर्ट में मुआवजे का दावा करेंगे तो एजेंसी यात्री होने की बात से मुकर जाएगी और मुआवजा देने से बच जाएगी।
मुआवजे की गणना हादसे के दौरान मृतक की आर्थिक स्थिति और उम्र के हिसाब से तय होती है, जो पांच लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक का भी हो सकती है। ऐसे में अभी तक नौ लोगों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें एजेंसी को बड़ी रकम मुआवजे में चुकानी पड़ सकती है। इससे बचने के लिए ही टिकट कैंसिल करने का रास्ता निकालने की कोशिश की है।
