जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : यमुना एक्सप्रेस-वे पर फास्टैग के लिए एक बार फिर समय सीमा आगे बढ़ गई है। यमुना प्राधिकरण अधिकारियों ने एक अप्रैल से एक्सप्रेस-वे पर फास्टैग की सुविधा मिलने का दावा किया था, लेकिन अब यह सुविधा मई से मिलने की उम्मीद है। फास्टैग के लिए अभी तक किसी कंपनी को कार्य नहीं सौंपा गया है।

ग्रेटर नोएडा से आगरा तक 165 किमी लंबा यमुना एक्सप्रेस-वे सुविधाओं के मामले में राष्ट्रीय राजमार्गों से पिछड़ चुका है। एक्सप्रेस-वे पर फास्टैग की सुविधा के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। इसका खामियाजा एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। भारी भरकम टोल देने के बावजूद एक्सप्रेस पर जाम का झाम झेलना पड़ रहा है। होली के त्योहार पर एक्सप्रेस-वे के जेवर टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लगी। टोल पर काफी देर तक जाम की स्थिति रही।

एक्सप्रेस-वे पर फास्टैग की सुविधा के लिए 15 मार्च को यमुना प्राधिकरण, जेपी इंफ्राटेक व आइडीबीआइ बैंक के बीच एमओयू हस्ताक्षर किया गया था। प्राधिकरण अधिकारियों ने दावा किया था कि एक अप्रैल से एक्सप्रेस-वे पर फास्टैग की सुविधा मिल जाएगी, लेकिन अभी तक फास्टैग के कार्य के लिए किसी कंपनी को जिम्मेदारी ही नहीं सौंपी गई है। अप्रैल के पहले सप्ताह में फास्टैग कार्य के लिए कंपनी को जिम्मेदारी सौंपने की उम्मीद है। इसके बाद करीब डेढ़ माह का समय और लगेगा। मई मध्य या इसके बाद एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालकों को फास्टैग की सुविधा मिल सकेगी। यमुना प्राधिकरण सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह का कहना है कि फास्टैग के लिए सभी कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश जेपी इंफ्राटेक को दिए गए हैं।

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