UP की $1 Trillion इकोनॉमी के लक्ष्य पर नोएडा से लगा ग्रहण, 2.5 लाख करोड़ की जमीन पर भूमाफिया का कब्जा
नोएडा में भूमाफिया द्वारा 50 लाख वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जे से उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था ...और पढ़ें

नोएडा सेक्टर-107 में महर्षि आश्रम की भूमि पर हुआ अवैध निर्माण। जागरण
HighLights
भूमाफिया ने नोएडा में 50 लाख वर्ग मीटर जमीन घेरी
इससे यूपी के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य पर संकट
निवेश के लिए भूमि की कमी, विकास परियोजनाएं प्रभावित
कुंदन तिवारी, नोएडा। यूपी सरकार ने वर्ष 2029-30 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डालर तक पहुंचने और 'विकसित यूपी 2047' विजन डाक्यूमेंट के तहत वर्ष 2047 तक छह ट्रिलियन डालर करने का रोडमैप किया है।
अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डाॅलर (ओटीडी) तक पहुंचाने के लिए सरकार को विकास का पहिया और तेजी से घुमाना होगा। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सरकार को प्रति वर्ष 24 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि दर हासिल करना होगा।
वर्तमान में राज्य की अर्थव्यवस्था में वृद्धि दर 13-14 प्रतिशत बीच है, लेकिन सरकार की इस परियोजना को प्रदेश के शो विंडो नोएडा से ग्रहण लग रहा है, क्योंकि निवेश के लिए नोएडा के पास भूमि की भारी कमी है।
50 लाख वर्ग मीटर भूमि प्राधिकरण के पास है, उस पर भूमाफिया काबिज है। ऐसे में मास्टर प्लान 2031 के अनुसार औद्योगिक, कामर्शियल, आवासीय, संस्थागत की परियोजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही है।
आने वाले समय में सरकार की निवेश नीति पर शहर में बड़ा असर पड़ने की संभावना है। बता दें कि भूमाफिया के कब्जे में जिस 50 लाख वर्ग मीटर पर कब्जा है, उसकी बाजारू कीमत करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये आकी गई है।

50 लाख वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा
बता दें कि निवेशक भी नोएडा के आधारभूत संरचना और सुविधाओं को देखकर आकर्षित होते है। इसको देखकर ही सरकार भी निवेश नीतियां तैयार करती है, लेकिन लंबे समय से शहर की सूरत भूमाफिया बिगड़ने में जुटे है।
करीब 50 लाख वर्ग मीटर जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है। इससे अब नियोजन प्रभावित होने लगा है। आश्चर्य चकित करने वाली बात है कि सबकुछ जानकार भी प्राधिकरण अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे है।
जबकि वर्ष 2017 में भूमाफिया ने शहर में कितनी जमीन पर कब्जा कर अतिक्रमण किया है, सरकार को कैग ने प्राधिकरण का लैंड आडिट कर किन-किन वर्क सर्किल की कितनी वर्ग मीटर भूमि पर अतिक्रमण भूमाफिया का है जानकारी शामिल थी।
उस समय भूमि की कीमत 16 हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी, इसके बावजूद प्राधिकरण अधिकारियों ने खानापूर्ति के लिए भूमाफिया के खिलाफ अभियान चलाया महज चार लाख वर्ग मीटर जमीन खाली करा अपनी पीठ थपथपा ली।

दस वर्क सर्किल में अतिक्रमण
| वर्क सर्किल | अवैध कब्जा (वर्ग मीटर) | लागत (रुपये) |
|---|---|---|
| वर्क सर्किल-1 | 97,500 | 3,52,95,00,000 |
| वर्क सर्किल-2 | 71,808 | 2,59,94,49,600 |
| वर्क सर्किल-3 | 2,27,849 | 8,24,81,33,800 |
| वर्क सर्किल-4 | 43,950 | 1,59,09,90,000 |
| वर्क सर्किल-5 | 3,29,821 | 11,93,95,20,200 |
| वर्क सर्किल-6 | 3,46,466 | 12,54,20,69,200 |
| वर्क सर्किल-7 | 95,840 | 3,46,94,08,000 |
| वर्क सर्किल-8 | 4,61,169 | 16,69,44,31,780 |
| वर्क सर्किल-9 | 10,47,901 | 37,93,40,16,200 |
| वर्क सर्किल-10 | 18,04,160 | 65,31,05,92,000 |
प्राधिकरण के प्रत्येक वर्क सर्किल में एक-एक इनवेंट्री का लेखा जोखा तैयार हो रहा है, जिसमें देखा जा रहा है कि कितनी जमीन पर अतिक्रमण है और यह कैसे कराया गया है। इसका हिसाब किताब एक-एक अधिकारी व कर्मचारी से होगा। इसके बाद विभागीय से लेकर शासन स्तर की कार्रवाई होगी।
-कृष्णा करुणेश, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण।
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