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नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर खुलेंगे 2 नए IT पार्क, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

Published: Thu, 24 Sep 2026 10:00 AM (IST)

नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-140 और 147 में दो बड़े आईटी पार्क किराए पर संचालित होंगे। इन पार्कों में ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर और आईटी कंपनियों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।

ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर और आईटी कंपनियों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। AI जनरेटेड

ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर और आईटी कंपनियों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। AI जनरेटेड

HighLights

  1. नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर दो नए आईटी पार्क बनेंगे।

  2. पार्क 45 वर्षों के लिए किराए पर किराए पर आवंटित किए जाएंगे।

  3. हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और निवेश आकर्षित होगा।

जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के किनारे सेक्टर-140 और सेक्टर-147 में दो बड़े आईटी पार्कों का निर्माण किया जाएगा। भू-उपयोग के भूखंडों को प्राधिकरण ने चिह्नित कर लिया है।

प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि इन आईटी पार्कों में मुख्य रूप से बड़ी कंपनियों के ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और आईटी कंपनियों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।

कार्यालयों को किराए पर देगा विभाग

इसके लिए भूमि का आवंटन सीधे कंपनियों को नहीं किया जाएगा, बल्कि एक निजी विकासकर्ता का चयन किया जाएगा, जो निर्माण के बाद 45 वर्षों के लिए विभिन्न कार्यालयों को किराए पर देगा।

प्राधिकरण सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि इस परियोजना की शुरुआत एक आईटी पार्क से होगी, जिसकी योजना जल्द ही प्राधिकरण द्वारा लांच की जाएगी। आईटी क्षेत्र के विकास को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

आईटी पार्क के रूप में विकसित करने का निर्णय

एक आईटी पार्क से लगभग 10-12 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जिससे निवेश भी आकर्षित होगा। सेक्टर-140 में 80 हजार वर्ग मीटर और सेक्टर-147 में 67 हजार वर्ग मीटर के भूखंड चिह्नित किए गए हैं। भूखंडों को टुकड़ों में बांटने के बजाय एकीकृत आईटी पार्क के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

भूखंड के 50 प्रतिशत हिस्से को जीसीसी के लिए आरक्षित किया जाएगा, जबकि 10 प्रतिशत में व्यावसायिक निर्माण को प्राधिकरण मंजूरी देगा। शेष 40 प्रतिशत हिस्सा आईटी कंपनियों के लिए आरक्षित रहेगा, जहां वे अपने कार्यालय और कार्य स्थल विकसित कर सकेंगी। इस विकास से प्राधिकरण को राजस्व प्राप्त होगा और कंपनियां भी जीसीसी खोलने के लिए आकर्षित होंगी।

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