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नदी के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण की बाढ़

डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित होता है। निर्माण रोकने की जिम्मेदारी सिचाई विभाग की होती है।

By JagranEdited By: Published: Mon, 04 Jul 2022 07:33 PM (IST)Updated: Mon, 04 Jul 2022 07:33 PM (IST)
नदी के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण की बाढ़

मनीष तिवारी, ग्रेटर नोएडा:

डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित होता है। निर्माण रोकने की जिम्मेदारी सिचाई विभाग की होती है। जिम्मेदारी पर खरा उतरने के बजाय लोगों से मिलीभगत कर सिचाई विभाग अपनी आंख बंद कर लेता है। परिणाम हरनंदी (हिडन) व यमुना नदी के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण की बाढ़ के रूप में सामने आ रहा है। जब निर्माण हो रहा था तो सिचाई विभाग ने अपनी आंख बंद कर ली थी, अब अधिक बारिश से बाढ़ की आशंका जताते हुए किसी भी प्रकार की सुरक्षा प्रदान करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।

जिले में हरनंदी व यमुना नदी के डूब क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहा है। डूब क्षेत्र में कालोनी काटने वाल नदी के तट तक पहुंच गए हैं। साथ ही बहुत से लोगों ने दबंगई से नदी के किनारे तक कब्जा कर अवैध गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। स्थिति यह हो गई है दोनों नदियां सिमटती जा रही हैं और अवैध निर्माण बढ़ते जा रहे हैं। गर्दन फंसती देख सिचाई विभाग अपने आप को बचाने में जुट गया है। एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील कर रहा है कि बाढ़ आने से पहले अपने-अपने निर्माण हटा लें। बाढ़ आने पर निर्माण के क्षतिग्रस्त होने से भारी जन-धन की हानि हो सकती है। बाढ़ के समय सिचाई विभाग, जिला प्रशासन एवं शासन द्वारा सुरक्षा प्रदान किया जाना संभव नही होगा। बाढ़ से नुकसान होने पर पीड़ित लोगों को शासन से भी कोई क्षतिपूर्ति नहीं मिलेगी। इन स्थानों पर है अवैध निर्माण

अधिशासी अभियंता, सिचाई निर्माण खंड गाजियाबाद ने गौतमबुद्ध नगर में खंड के नियंत्रणाधीन हरनंदी तटवर्ती एवं रिग बंध के निकट हरनंदी के डूब क्षेत्र में छजारसी, चोटपुर, यूसुफपुर चकशाहबेरी, बहलोलपुर, गढीचौखंडी, हैबतपुर, परथला खंजरपुर, सोरखा जाहिदाबाद, ककराला, अलावर्दीपुर, जलपुरा, हल्दोनी, कुलेसरा व अन्य गांवों में अवैध निर्माण की जानकारी दी है। साथ ही हरनंदी यमुना दोआब बंध के निकट ग्राम-इलाहावास, कुलेसरा, सुथियाना, शहदरा, चूहड़पुर एवं मोमनाथल तक हरनंदी के डूब क्षेत्र की सीमा के अंतर्गत आते हैं। इसी बंध पर यमुना नदी किनारे ग्राम-मोतीपुर, तिलवाड़ा, मोमनाथल, गढी समस्तीपुर, बादौली खादर, कोंडली खादर, कामबक्शपुर, दोस्तपुर मंगरौली सहित अन्य गांव की भूमि भी डूब क्षेत्र की सीमा में आती है। इन सभी जगह पर लोगों ने धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया है। साथ ही डूब क्षेत्र में निर्मित प्लांट, हार्ट मिक्स प्लांट, कंक्रीट, रेडी मिक्स प्लांट एवं बदरपुर सेंड की धुलाई की होदियां आदि अवैध निर्माण भी हैं।

डूब क्षेत्र में सक्रिय हैं कालोनाइजर

हरनंदी व यमुना नदी के डूब क्षेत्र में कालोनाइजर सक्रिय हैं। प्रशासन व सिचाई विभाग के कर्मचारियों से मिलकर फार्म हाउस व कालोनी काटने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। डूब क्षेत्र में छोटे-छोटे प्लाट देकर गरीब लोगों से लाखों रुपये ऐंठे जा रहे हैं। सब कुछ जानने व समझने के बाद भी अधिकारी मौन हैं। जो दाल में कुछ काला होने की ओर इशारा कर रहे हैं।


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