बार-बार बदली तारीखों से परेशान सुपरटेक के 16 हजार घर खरीदार, बोले- अब कंस्ट्रक्शन शुरू होने की फिक्स डेट बताओ
सुपरटेक के घर खरीदार निर्माण कार्य में बार-बार हो रही देरी और सशर्त समय-सीमाओं से परेशान हैं। वे अब कागजों ...और पढ़ें

सुपरटेक की परियोजनाओं में निर्माण कार्य शुरू करने का मुद्दा एनसीएलएटी में सुनवाई के दौरान उठाया गया। एआई इमेज
HighLights
सुपरटेक घर खरीदार बार-बार बदलती तारीखों से बेहद परेशान हैं।
निर्माण कार्य शुरू करने की निश्चित, कानूनी प्रतिबद्धता चाहते हैं।
एनसीएलएटी में 16 जनवरी 2027 की समय सीमा पर चर्चा हुई।
जागरण संवाददाता, नोएडा। सुपरटेक की परियोजनाओं में निर्माण कार्य शुरू करने का मुद्दा राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में सुनवाई के दौरान उठाया गया। इस सुनवाई में 16 जनवरी 2027 की समय सीमा पर चर्चा की गई।
एपेक्स कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति (एसीसी) ने बताया कि आवश्यक ड्यू डिलिजेंस की प्रक्रिया पूरी करने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, सुपरटेक के घर खरीदारों ने इस समय सीमा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह केवल एक सशर्त समय सीमा है, न कि निर्माण कार्य शुरू करने की कोई निश्चित तारीख।
ताकि निर्माण कार्य को फिर से टाला न जा सके
नोएडा ग्रेटर नोएडा में सुपरटेक की 12 परियोजनाएं फंसी हुई हैं, जहां करीब 16 हजार लोगों को घर नहीं मिले हैं। 12 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां लंबित हैं और एक दशक से खरीदार यहां घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
घर खरीदारों का कहना है कि पहले भी कई बार निर्माण कार्य शुरू करने के लिए समय सीमाएं घोषित की गई हैं, जिन्हें बाद में बदल दिया गया। ऐसे में अब एक स्पष्ट लिखित और कानूनी रूप से जवाबदेह प्रतिबद्धता आवश्यक है, ताकि किसी अन्य शर्त का हवाला देकर निर्माण कार्य को फिर से टाला न जा सके।
बात प्रक्रिया को टालने जैसा
उन्होंने मांग की है कि यदि 16 जनवरी 2027 को निर्माण कार्य शुरू करने की प्रस्तावित तारीख है, तो एनबीसीसी और एसीसी को शपथपत्र के माध्यम से लिखित प्रतिबद्धता देनी चाहिए कि निर्माण कार्य वास्तव में इसी तारीख से शुरू होगा।
यदि निर्धारित तारीख तक एनबीसीसी दस्तावेज प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाता है, तो निर्माण कार्य फिर शुरू नहीं हो सकेगा। खरीदारों ने स्पष्ट किया कि दो वर्षों में एनबीसीसी दस्तावेज प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी है। ऐसे में 16 जनवरी से कार्य शुरू करने की बात प्रक्रिया को टालने जैसा है।
'अधिकारियों को देनी चाहिए पूरी जानकारी'
मामले में एक अक्टूबर सुनवाई की तारीख निर्धारित की गई है। खरीदारों का स्पष्ट संदेश है कि उन्हें न सशर्त समय-सीमा चाहिए, न बार-बार बदलती तारीखें। वे अब कागजों पर नई तारीख नहीं, बल्कि जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होता हुआ देखना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्यू डिलिजेंस और आवश्यक मंजूरियों को निर्माण कार्य में देरी का आधार नहीं बनाया जा सकता। यदि कोई मंजूरी लंबित है, तो संबंधित अधिकारियों को बताना चाहिए कि कौन-सा कार्य बाकी है और उसे पूरा करने की जिम्मेदारी किसकी है।
स्पष्ट समयसीमा तय करने की मांग
नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा कि सुपरटेक के घर खरीदार वर्षों से अपने घरों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब वे एक और सशर्त तारीख स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यदि 16 जनवरी को निर्माण कार्य शुरू करने की प्रतिबद्धता दी जा रही है, तो इसे शपथपत्र के माध्यम से लिखित रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
नेफोवा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुमार मिहिर और अधिवक्ता सूरत सिंह ने कहा कि 16 जनवरी 2027 की तारीख भी ड्यू डिलिजेंस पूरी होने की शर्त पर आधारित है। घर खरीदार एक निश्चित और स्पष्ट प्रतिबद्धता की मांग कर रहे हैं। सभी लंबित प्रक्रियाओं और मंजूरियों को पूरा करने के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की जानी चाहिए।
पहले दी गई समयसीमाओं पर एक नजर
| 12 दिसंबर 2024 | प्रारंभिक न्यायिक निर्देश |
| 1 मई 2025 | निर्माण कार्य शुरू करने की पहली समयसीमा |
| 31 जुलाई 2026 | आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा |
| एक अक्टूबर 2026 | निर्माण कार्य शुरू करने की बताई गई समयसीमा |
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