जागरण संवाददाता, नोएडा : महिलाओं की रक्षा, सम्मान व उनके स्वाभिमान के लिए समाज को आगे आना होगा, जो घटनाएं पिछले दिनों हुई हैं उससे हम सभी क्षुब्ध हैं। ये बातें अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर डॉ. बीडी मिश्र ने कहीं। नागरिकता संशोधन बिल को लेकर अरुणाचल प्रदेश में हो रहे जनआक्रोश पर कहा कि ये बिल देश के हित में है। वहां कि जनता इसे जल्द समझेगी और सहयोग करेगी। उन्होंने ये बात सेक्टर 27 स्थित कैलाश सभागार में ब्राह्मण समाज सेवा समिति कि ओर से आयोजित युवा कौशल विकास संगोष्ठी में कही। वह यहां मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस मौके पर सांसद डॉ. महेश शर्मा, कोलकाता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश राकेश तिवारी, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक उत्तर प्रदेश आरके चतुर्वेदी व युवा उद्योगपति पीयूष द्विवेदी भी मौजूद रहे।

पूर्व पुलिस महानिरीक्षक आरके तिवारी ने कहा कि विश्व में सबसे अधिक संख्या युवाओं की हमारे देश में कही जाती है। हमारे देश में 70 फीसद के करीब युवा गांवों में रहते हैं। गांवों में पिछड़ापन होने के कारण उनका कौशल विकास नहीं हो पाता। पिछली सरकारों ने प्रयास किए लेकिन उसका असर वह नहीं हुआ जो होना चाहिए था। मौजूदा सरकार ने करीब 20 मंत्रालयों को समाप्त कर युवा कौशल विकास मंत्रालय बनाकर इसके लिए बेहतर प्रयास किए हैं, जिसका परिणाम जल्द सबसे सामने होगा।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश राकेश तिवारी ने कहा कि विकास का मतलब है कि हम अभी जिस स्थिति में उससे एक कदम आगे बढ़ें वही विकास है। युवाओं के लिए हमें नए संसाधन नई दिशा मुहैया करानी होगी। उनके काम को आगे बढ़ाने के लिए मदद करनी होगी। उनके द्वारा जो नया किया जा रहा है उसे प्रोत्साहित करना होगा।

उद्योगपति पीयूष कुमार द्विवेदी ने कहा कि हमारे युवाओं को जापान व चीन के युवाओं की तरह देश के विकास के बारे में हर वक्त सोचना होगा। उनकी तरह ही नए नए कार्य करने के लिए मेहनत करनी होगी। इस दौरान कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज सेवा समिति से हरीश मिश्र ,गिरीश मिश्र, सुधाकर तिवारी, मुकुल बाजपेई, अनुज त्रिपाठी, अभिनव पांडे, डीडी तिवारी आदि मौजूद रहे।

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देश के विकास के लिए सौहार्द, प्रेम, सद्भाव व सहयोग जरूरी

कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि देश व खुद के विकास के लिए हर एक शख्स में सौहार्द, प्रेम, सद्भाव व सहयोग की प्रवृत्ति होनी चाहिए। जब देश बढ़ेगा तभी हम आगे बढें़गे। इसके लिए युवा का कुशल होना जरूरी है। हमें युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना होगा जिसकी शुरुआत हमें उनके बचपन से करनी होगी। स्कूल जाने के पहले दिन से ही हम उससे कहने लगते हैं कि अच्छे नंबर लाने हैं। उससे ही नौकरी मिलेगी। ये न करके हमें यह देखना होगा कि उसका मन क्या कहता है। वह आगे क्या करना चाहता है। उसकी रुचि के मुताबिक जब हम उन्हें आगे बढ़ाएंगे। तभी हर क्षेत्र का विकास होगा। उन्होंने ब्राह्मण समाज के युवाओं व सम्मानित सदस्यों से अनुरोध किया कि यदि किसी भी बेटी को उसके घर वाले न पढ़ा पा रहे हों तो उसे आप खुद शिक्षित करें या मुझे बताएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की क्षमता ही की देन है कि आज विश्व हमें सम्मान दे रहा है।

Posted By: Jagran

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