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जब नोएडा कभी नगर पालिका रहा ही नहीं, फिर RTE पोर्टल पर कैसे दिखाई दे रहा? सैकड़ों बच्चे का दाखिला अटका

Published: Sat, 07 Feb 2026 04:07 PM (IST)

शिक्षा के अधिकार (आरटीई) पोर्टल पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा को गलत तरीके से नगर पालिका परिषद दिखाया जा रहा ...और पढ़ें

RTE पोर्टल पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा को नगर पालिका परिषद दिखाया जा रहा। जागरण

RTE पोर्टल पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा को नगर पालिका परिषद दिखाया जा रहा। जागरण

HighLights

  1. आरटीई पोर्टल पर नोएडा-ग्रेनो को गलत दर्शाया गया

  2. औद्योगिक प्राधिकरणों को नगर पालिका परिषद बताया गया

  3. 80% स्कूलों का डेटा न होने से छात्र वंचित

आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में नोएडा और ग्रेटर नोएडा को नगर निगम बनाए जाने का प्रस्ताव भले ही खारिज हो गया हो, लेकिन शिक्षा के अधिकार (आरटीई) पोर्टल पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा को नगर पालिका परिषद दिखाया जा रहा है। इससे आवेदकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है।

सवाल उठने लगे हैं कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा जो कभी नगर निगम या नगर पालिका परिषद रहा ही नहीं है, बावजूद इसके आरटीई के पोर्टल पर नगर पालिका परिषद दिखना हैरत की बात है।

वहीं, गौतमबुद्ध नगर जिले की इकलौती नगर पालिका परिषद दादरी है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विकल्प पर शहर के स्कूल का डाटा नहीं दिख रहा है, जबकि 80 प्रतिशत निजी स्कूल यहीं पर हैं। ऐसे में एक बड़ा छात्र वर्ग दाखिले से वंचित हो रहा है।

नोएडा प्राधिकरण का गठन वर्ष 1976 में हुआ था, जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का गठन 1991 में हुआ था। नोएडा और ग्रेटर नोएडा शहर में सभी कार्य औद्योगिक एक्ट के तहत ही किए जा रहे हैं। इन प्राधिकरण का गठन ही औद्योगिक क्षेत्र के लिए किया गया था।

सरकारी क्षेत्र के सभी कामों में इन शहरों को प्राधिकरण के ही तहत दिखाया जाता है, लेकिन शिक्षा की शुरुआती अलख जगाने वाले आरटीई के ही पोर्टल पर शहर की जानकारी को गलत तरीके से अपलोड किया गया है।

ताज्जुब की बात यह है कि सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में तो नोएडा और ग्रेटर नोएडा को प्राधिकरण ही दर्शाया जा रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक अपने आरटीई के पोर्टल पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा को नगर पालिका परिषद ही दिखा रहा है। इसे सही ही नहीं कराया गया।

पोर्टल में नोएडा और ग्रेटर नोएडा को नगर पालिका परिषद तो दिखाया जा रहा है, लेकिन खास बात यह है कि इन दोनों में किसी भी स्कूलों के डाटा को नहीं अपलोड किया गया है।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा को आरटीई पोर्टल पर नगर पालिका परिषद दिखाया जाना अपने आप में एक सवाल खड़ा करता है। इससे आवेदकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई लोग उनसे इस संबंध में संपर्क कर चुके हैं, कि यहां कैसे आवेदन होगा।

जबकि अंदर उसमें देखे जाने पर कोई भी स्कूल का डाटा अपलोड नहीं है। इससे लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है और उन्हें आवेदन करने में परेशानी होती है।

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