यूपी ट्रेड शो में छाया बांस से बना रीयूजेबल डायपर, 150 बार धोकर करें इस्तेमाल; हर बार खर्च सिर्फ 3 रुपये
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में बैम्बूलाजी ने बांस से बना रीयूजेबल डायपर प्रदर्शित किया है, जो 150 बार तक इस्तेमाल ...और पढ़ें

यूपीआईटीएस में प्रदर्शित बैम्बू से बने रीयूजेबल डायपर। सौ- उद्यमी
HighLights
बांस से बना रीयूजेबल डायपर 150 बार तक इस्तेमाल योग्य।
प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया और दुर्गंध को कम करते हैं।
डिस्पोजेबल डायपर का किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प।
रंजीत मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआइटीएस) में बांस से बना रीयूजेबल डायपर को बैम्बूलाजी नाम की एक इकाई ने प्रदर्शित किया है। फेयर में यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
यह डायपर बायो-बेस्ड और 150 बार तक धुलकर दोबारा इस्तेमाल होने वाला है। बांस के फैब्रिक में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया और दुर्गंध को कम करता है। सामान्य काटन की तुलना में इसमें बैक्टीरिया ग्रोथ काफी कम है।
सिंगल-यूज डायपर में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और पीएफएएसके खतरे को देखते हुए यह विकल्प तैयार किया गया है। यह डायपर नवजात से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयुक्त है।
ऑब्जर्वेंट और लीक प्रूफ
यूरिन इनकांटिनेंस से जूझ रही महिलाओं, बुजुर्गों, बेडरिडन मरीजों और स्पेशल नीड्स वाले बच्चों के लिए यह सुविधाजनक है। बैम्बूलाजी की संस्थापक फैहमीदा चौधरी का कहना है कि यह अब्जार्बेंट और लीक प्रूफ है।
खर्च के लिहाज से भी यह फायदेमंद है। डिस्पोजेबल डायपर 10-12 रुपये प्रति पीस पड़ता है, जबकि बांस वाले डायपर की प्रति उपयोग लागत 2.5 से 3 रुपये के आसपास है। एक बच्चा दो साल में करीब 2200 डायपर इस्तेमाल करता है। रीयूजेबल विकल्प से इस कचरे को बड़े स्तर पर कम किया जा सकता है।
