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ग्रेनो बस अग्निकांड: आग में खाक हुए पति का आखिरी बार चेहरा देखना चाहती थीं रेखा, इलाज बीच में छोड़ पहुंची हिसार

Published: Sat, 26 Sep 2026 05:48 PM (IST)

यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड में घायल रेखा भारद्वाज ने अपने पति देवेंद्र भारद्वाज के अंतिम दर्शन के लिए जेवर अस्पताल से छुट्टी ली।

दर्द में भी पति के अंतिम दर्शन की तमन्ना।

दर्द में भी पति के अंतिम दर्शन की तमन्ना।

HighLights

  1. रेखा भारद्वाज यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड में गंभीर रूप से घायल हुईं।

  2. पति देवेंद्र भारद्वाज के अंतिम दर्शन हेतु अस्पताल से छुट्टी ली।

  3. चोटों के बावजूद, पति को आखिरी बार देखने हिसार रवाना हुईं।

जागरण संवाददाता, जेवर। यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए स्लीपर बस अग्निकांड में घायल रेखा भारद्वाज ने अपनी पीड़ा को दरकिनार कर पति देवेंद्र भारद्वाज को आखिरी बार देखने के लिए अस्पताल से छुट्टी ली और बृहस्पतिवार शाम को हिसार रवाना हो गईं।

हादसे में पति की मौत की खबर मिलने के बाद से रेखा बार-बार उनका शव देखने की जिद कर रही थीं। उनकी हालत को देखते हुए स्वजन ने उन्हें अपने साथ हिसार ले जाने का फैसला किया।

हादसे के बाद रेखा का उपचार जेवर के अस्पताल में चल रहा था। स्वजन के माध्यम से उन्हें पति देवेंद्र की मौत की जानकारी मिली तो वह भावुक हो उठीं। उन्होंने स्वजन से पति को आखिरी बार देखने के लिए हिसार ले जाने का आग्रह किया।

पूरी तरह ठीक नहीं थी हालत फिर भी नहीं मानी...

चोटों के कारण उनकी हालत पूरी तरह ठीक नहीं थी, लेकिन पति के अंतिम दर्शन की इच्छा के आगे स्वजन भी उन्हें रोक नहीं सके। देवेंद्र भारद्वाज के शव की पहचान उनके बेटे सर्वोदय भारद्वाज ने की थी। हादसे के बाद शव बुरी तरह झुलस गया था।

सर्वोदय ने पिता की पैर में पड़ी रोड देखकर उनकी पहचान की थी। रेखा को अस्पताल से छुट्टी दिलाने के लिए स्वजन ने चिकित्सकों से आग्रह किया। अस्पताल प्रशासन ने उनकी स्थिति को देखते हुए आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी।

इसके बाद स्वजन रेखा को लेकर हिसार रवाना हो गए। हादसे में पति को खोने के साथ खुद घायल रेखा के लिए यह सफर बेहद पीड़ादायी रहा।

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