जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा:

रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बांगर गांव में एक सप्ताह पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड के आठ आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के पास से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पांच असलहों को बरामद किया है। जिसमें दो लाइसेंसी हथियार हैं। पीड़ित परिजन की सुरक्षा के लिए घर पर पुलिस व पीएसी तैनात है। सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया। ज्ञात हो कि गांव में दो पक्षों में पिछले लंबे समय से विवाद चल रहा है। विवाद के बीच ही 29 नवंबर को एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के लोगों पर धावा बोल दिया था। घटना में गजेंद्र व आकाश की मौत हो गई थी। दोनों सगे भाई थे। साथ ही कुछ अन्य लोग भी घायल हो गए थे। पीड़ित परिजन ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

एसपी देहात रणविजय सिंह ने बताया आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। दबिश के बाद पुलिस ने घटना के आरोपित मूला, सुंदर, भूपन, नरेंद्र, सतीश, राकेश, धर्मेंद्र व किरनपाल को गिरफ्तार किया। आरोपित धर्मेंद्र एक इंटर कॉलेज का चेयरमैन है। पुलिस ने आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त एक लाइसेंसी राइफल, एक नाली बंदूक व तीन तमंचे बरामद किए हैं। जिससे पीड़ित पक्ष पर धाबा बोला गया था। पीड़ित स्वजन को पुलिस ने लौटाया

आरोपितों के गिरफ्तार होने व एसएसपी कार्यालय लाए जाने की सूचना पीड़ित स्वजन को मिल गई थी। लगभग पचास परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। पुलिस को लगा आरोपितों को देखकर पीड़ित परिजन हंगामा कर सकते हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने पीड़ित स्वजन से बात की। जिसके बाद स्वजन लौट गए। 23 साल से चल रहा दो परिवारों में विवाद

पुलिस ने बताया गांव के दोनों परिवार में लगभग 23 साल से विवाद चल रहा है। 1997 में एक-दूसरे को मिठाई खिलाने को लेकर विवाद की शुरुआत हुई थी। जिसके बाद से दोनों पक्षों के बीच समय-समय पर विवाद होता रहा। घटना के कुछ दिन पूर्व भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। घटना वाले दिन रात में पीड़ित पक्ष के गजेंद्र, आकाश सहित अन्य लोग जिम से लौट रहे थे। आरोपितों ने रास्ते में भैसा- बुग्गी लगाकर उनकी गाड़ी रोक ली थी। जिसके बाद धावा बोल दिया था। असलहों का लाइसेंस निरस्त करने की होगी संस्तुति

जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपितों के परिवार में चार लाइसेंसी हथियार हैं। घटना में इन लाइसेंसी हथियारों का प्रयोग हुआ था। दो हथियारों को पुलिस ने बरामद कर लिया है। दो अन्य असलहों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद इन लाइसेंसी हथियारों का लाइसेंस निरस्त करने संस्तुति जिलाधिकारी से की जाएगी। आरोपित परिवार के पास हैं जम्मू-कश्मीर के दो लाइसेंसी हथियार

पुलिस ने बताया जांच में पता चला है कि आरोपित परिवार के दो लोग सेना में हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से हथियार का लाइसेंस बनवाया है। दोनों लाइसेंस के सत्यता की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। डेढ़ साल पूर्व भी हुआ था विवाद

जांच में पुलिस को पता चला है कि लगभग डेढ़ साल पूर्व भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। घटना में सुभाष पक्ष ने सुंदर पक्ष की पिटाई कर दी थी। घटना में सुंदर का हाथ भी टूट गया था। पीड़ित पक्ष ने गजेंद्र सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने 307 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। बाद में पीड़ित पक्ष ने जांच स्थानांरित कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। पुलिस अधिकारियों ने जांच दादरी कोतवाली स्थानांतरित कर दी थी। जांच अधिकारी एक महिला दारोगा को बनाया गया था। जांच के बाद महिला दारोगा ने मामले में धारा 307 हटा दी थी। इससे पीड़ित पक्ष नाराज हो गया था। कुछ दिनों बाद ही आरोपित पक्ष के सुभाष ने फेसबुक पर एक फोटो डाली थी। जिसमें वह महिला दारोगा को एक कार की चाबी सौंप रहे थे। पीड़ित पक्ष ने फोटो के आधार पर पुलिस के अधिकारियों से शिकायत की कि धारा 307 हटाने के एवज में आरोपित पक्ष ने महिला दारोगा को इनाम के रूप में कार दी है। मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में शिकायत की। जिसके आधार पर महिला दारोगा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। लेकिन जांच की गति धीमी रही। पीड़ित पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले में न्यायालय ने जिले के पुलिस अधिकारियों को तलब किया था। पुलिसकर्मियों पर हो सकती है कार्रवाई

दोहरे हत्याकांड के बाद पीड़ित स्वजन ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। जांच में पुलिस को पता चला है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने मामले में लापरवाही बरती है। जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। पीड़ित स्वजन ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। सभी आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। जांच में पता चला है कि कोतवाली पुलिस ने कठोर कार्रवाई करने की बजाये दोनों पक्ष के कुछ लोगों को सिर्फ शांति भंग की धाराओं में पाबंद किया था। लापरवाही पुलिसकर्मियों पर जल्द कार्रवाई होगी।

रणविजय सिंह, एसपी देहात

Posted By: Jagran

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