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ग्रेटर नोएडा PNB में 35 करोड़ का बड़ा गबन, मैनेजर समेत 5 सस्पेंड; बिना बताए तोड़ दीं दर्जनों FD

Published: Tue, 27 Oct 2026 10:11 PM (IST)

पंजाब नेशनल बैंक की ग्रेटर नोएडा शाखा में 35 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगा है, जिसमें मैनेजर समेत पांच कर्मियों को निलंबित किया गया है।

बैंक खातों से रकम हो गई साफ। फोटो: आर्काइव

बैंक खातों से रकम हो गई साफ। फोटो: आर्काइव

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। बीटा दो कोतवाली अंतर्गत ऐच्छर गांव में संचालित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा के मैनेजर समेत अन्य कर्मियों पर कई खाता धारकों के 35 करोड़ रुपये हेरफेर करने का आरोप है।

सूत्रों के अनुसार बैंक के उच्चाधिकारियों ने बैंक मैनेजर समेत पांच कर्मियों को निलंबित कर, विभागीय विजिलेंस टीम से प्रकरण की जांच शुरू करा दी है। निलंबित कर्मियों पर खाताधारकों ने एफडी समय से पहले तोड़कर दूसरे खातों में रुपये ट्रांसफर करने और बचत खातों से रुपये गायब करने के आरोप लगाए हैं।

शुरुआती शिकायतों में करीब 35 करोड़ रुपये की हेराफेरी की बात सामने आई है। हालांकि, गबन की कुल रकम और प्रभावित खातों की संख्या की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शाखा में नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

ऐच्छर निवासी ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी ने मंगलवार को कोतवाली में दिए शिकायती पत्र में 25 लाख रुपये वापस कराने और बैंक कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की। बताया कि वह जय शिव ट्रांसपोर्ट नाम से फर्म चलाते हैं। बैंक में करंट अकाउंट है।

म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए बैंक कर्मचारियों से संपर्क किया था। आरोप है कि मैनेजर के कहने पर चेक समेत अन्य दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद रकम उनके बचत खाते में ट्रांसफर होने के बजाय दूसरे खाते में भेज दी गई।

खाते में नाम उनका ही बताया गया, लेकिन वह उनका खाता नहीं था। जानकारी पर बैंक पहुंच रुपये वापस करने की मांग की। बैंक कर्मचारियों ने एक-दो दिन में रुपये लौटाने का भरोसा दिया। फिर जांच के बाद रुपये वापस करने की बात कही। एक महिला बैंक कर्मचारी से बातचीत की रिकार्डिंग भी होने का दावा किया है।

एफडी तोड़ कर हेरफेर का आरोप

बिरौंडा से सेक्टर-पाई निवासी गौतम ने बताया पिता के खाते में करीब 94 लाख रुपये जमा थे। सोमवार को 50 हजार रुपये निकालने बैंक पहुंचे तो पता चला कि खाते में केवल करीब 16 हजार रुपये बचे हैं।

बैंक अधिकारियों से रुपये कम होने का कारण पूछा और जांच की मांग की। अन्य खाताधारकों ने भी एफडी और बचत खातों से रुपये गायब होने की शिकायत की है।

एक अन्य खाताधारक का कहना है कि 15 लाख रुपये की एफडी थी, बैंक में पता चला कि एफडी खत्म हो चुकी है। खाता धारक संजय ने भी करीब 10 लाख रुपये की एफडी तोड़कर रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का आरोप लगाया है।

हनीफ ने खाते से करीब 39 लाख रुपये निकाले जाने का दावा किया है।

किसान संगठन का 150 करोड़ के गबन का आरोप

भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने आरोप लगाया कि मामले में 130 से 150 करोड़ रुपये का गबन हुआ है। संगठन ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और प्रभावित किसानों व खाताधारकों की पूरी रकम वापस कराने की मांग की है। चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

शिकायती-पत्र मिला है। अभी तक 15 से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि सभी खाता धारकों की पूरी धनराशि लौटाई जाएगी। आरोपित कर्मियों को भी हटाने की बात कही है। साथ ही बैंक की विभागीय विजिलेंस टीम से भी जांच कराई जा रही है। पीड़ित खाता धारकों से मिले शिकायती पत्र के आधार पर जांच शुरू करा दी है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर केस दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद कुमार, प्रभारी निरीक्षक, बीटा दो कोतवाली
मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-राम विनोद कुमार, लीड बैंक मैनेजर, गौतमबुद्धनगर

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